बड़ी रामलीला के रंगमंच पर किया शबरी दर्शन, राम सुग्रीव मित्रता और बाली वध लीला का मंचन

कलयुग दर्शन (24×7)
दीपक झा (संवाददाता)
हरिद्वार। 103वां वार्षिकोत्सव आयोजित कर रही श्री रामलीला कमेटी (बड़ी रामलीला) के रंगमंच पर शबरी राम दर्शन, राम सुग्रीव मैत्री और बाली वध की लीलाओं का मंचन किया गया। राम, शबरी, सुग्रीव व बाली का अभिनय कर रहे कलाकारों ने अपने प्रभावशाली अभिनय, संवाद अदागयी और जीवंत प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दर्शकों को संबोधित करते हुए श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष वीरेंद्र चड्ढा ने कहा कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संस्कारों और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। श्री रामलीला संपत्ति कमेटी ट्रस्ट के अध्यक्ष सुनील भसीन ने कहा कि रामलीला की परंपरा हमारी सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। रामलीला प्रत्येक प्रसंग जीवन को नई सीख देता है। ट्रस्ट के मंत्री विनय सिंघल ने कहा कि 103 वर्षों से रामलीला का निरंतर आयोजन होना कमेटी के सदस्यों, कलाकारों और रामभक्तों की श्रद्धा एवं समर्पण का प्रतीक है। समिति का प्रयास है कि इस परंपरा को आने वाली पीढ़ियों तक पूरी गरिमा के साथ पहुंचाया जाए।

प्रवक्ता डा.संदीप कपूर ने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्श आज प्रासंगिक हैं। श्री गरीब दासी आश्रम के महन्त रविदेव शास्त्री भी रामलीला में पहुंचे और दर्शकों से भगवान श्रीराम के जीवन आदर्शो से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने पटका एवं स्मृति चिन्ह देकर उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर रामलीला कमेटी के महामंत्री महाराज कृष्ण सेठ, दादा गुरु भगवत शर्मा, रविकांत अग्रवाल, अंजना चड्ढा, कन्हैया खेवड़िया, ऋषभ मल्होत्रा, पवन शर्मा, राहुल वशिष्ठ, विशाल गोस्वामी, विकास सेठ, महेश गौड़, सुरेंद्र अरोड़ा, अनिल सखूजा, गोपाल छिब्बर, वीरेंद्र गोस्वामी, मनोज बेदी, सुनील वधावन और मनोज सहगल सहित कमेटी के पदाधिकारी, सदस्य तथा दर्शक मौजूद रहे।



