उत्तराखंड

आपातकाल दिवस के 50 वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकतंत्र सेनानियों एवं उनके परिजनों का किया स्वागत एवं अभिनंदन

कलयुग दर्शन (24×7)

मो. नदीम (संपादक)

हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपातकाल लगाये जाने के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देहरादून के मुख्य सेवक सदन में आयोजित सविधान हत्या दिवस 2025 पर लोकतंत्र सेनानियों व उनके परिवारजनों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर हरिद्वार से श्री मती विद्यावती पत्नी स्वर्गीय मधुकांत प्रेमी ( लोकतंत्र सेनानी ओर वरिष्ठ पत्रकार) को भी सम्मानित किया गया। ज्वालापुर निवासी मधुकांत प्रेमी मीसा में 45 दिन जेल में रहे थे।

प्रेमी जी के पौत्र अविरल प्रेमी को भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह का स्नेह मिला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लोकतंत्र हत्या दिवस भारत में 25 जून को मनाया जाता है। जो 1975 में इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल के विरोध में है। इस दिन को लोकतंत्र के लिए एक काले दिन के रूप में याद किया जाता है। जब नागरिकों के अधिकारों को निलंबित कर दिया गया था और प्रेस की स्वतंत्रता पर रोक लगा दी गई थी।

आपातकाल की घोषणा 25 जून 1975 को की गई थी। जब इंदिरा गांधी ने राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद से आपातकाल की मंजूरी ली थी। इसके बाद, कई विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया था और प्रेस पर कड़ी सेंसरशिप लगा दी गई थी।लोकतंत्र हत्या दिवस हमें लोकतंत्र के महत्व और उसकी सुरक्षा के प्रति जागरूक करता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि लोकतंत्र की रक्षा करना और उसके मूल्यों को बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है।

हमें लोकतांत्रिक मूल्यों जैसे कि स्वतंत्रता, समानता और न्याय का समर्थन करना चाहिए। हमें नागरिक अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए और उनके हनन के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। हमें प्रेस की स्वतंत्रता का समर्थन करना चाहिए और उसके अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए।लोकतंत्र हत्या दिवस हमें लोकतंत्र के महत्व और उसकी सुरक्षा के प्रति जागरूक करता है। हमें लोकतांत्रिक मूल्यों का समर्थन करना चाहिए और नागरिक अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए। आइए हम सब मिलकर लोकतंत्र की रक्षा करें और उसके मूल्यों को बनाए रखें।

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