अपरंपार है भगवान शिव की महिमा: स्वामी सुतिक्ष्ण मुनि

कलयुग दर्शन (24×7)
दीपक झा (संवाददाता)
हरिद्वार। जस्साराम रोड़ स्थित श्री जगद्गुरू उदासीन आश्रम के 55वें वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही श्री शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए स्वामी सुतिक्ष्ण मुनि ने कहा कि भगवान शिव की महिमा अपरंपार है। भगवान शिव सदैव भक्तों का कल्याण करते हैं। उन्होंने कहा कि शिव महापुराण कथा परम् कल्याणकारी है। सच्चे मन से शिव महापुराण कथा का श्रवण करने और कथा से मिले ज्ञान को जीवन में धारण करने से शिव कृपा की प्राप्ति होती है और परिवार का कल्याण होता है। कथाव्यास पंडित लक्ष्मी नारायण शास्त्री ने कहा कि शिव कल्याण के प्रतीक हैं।

श्रद्धा और भक्ति भाव से शिव साधना करने से सभी मनोरथ पूरे होते हैं। उन्होंने कहा कि गंगा तट पर संतों के सानिध्य में शिव साधना अत्यन्त फलदायी होती है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार शिव की नगरी है। हरिद्वार के कण-कण में शिव तत्व विराजमान है। आवश्यकता उसे जानने और समझने की है। जो व्यक्ति शिव तत्व का जान लेता है। उसका जीवन भवसागर से पार हो जाता है। मुख्य यजमान कान्ता दुग्गल, नितिन दुग्गल, तरूण तुग्गल, चीतेश दुग्गल ने सभी संतों का फूलमाला पहनाकर स्वागत किया और आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर स्वामी रविदेव शास्त्री, स्वामी हरिहरानंद, स्वामी दिनेश दास, स्वामी ज्योर्तिमयानंद, महंत सूरज दास, महंत बिहारी शरण, साध्वी नाराण गिरी, भावना सखेड़ी सहित कई संत महंत मौजूद रहे।



