नकारात्मकता को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं मां भगवती: स्वामी कैलाशानंद गिरी

कलयुग दर्शन (24×7)
राकेश वालिया (ब्यूरो चीफ)
हरिद्वार। श्री दक्षिण काली मंदिर में आयोजित नवरात्र महोत्सव के उपलक्ष्य में विभिन्न प्रकार के पुष्पों से मंदिर को मनमोहक रूप से सजाया गया है। सातवें नवरात्र पर निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी ने श्री मां दक्षिण काली की विशेष पूजा अर्चना की। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त शामिल हुए। पूजा अर्चना के बाद मां श्री दक्षिण काली को भोग प्रसाद अर्पित किया गया। श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि सातवें नवरात्र पर मां भगवती के सातवें स्वरूप मां काल रात्रि की आराधना का विधान है। नवरात्र आराधना कर रहे भक्तों को पूर्ण विधि विधान से मां काल रात्रि की पूजा अर्चना करनी चाहिए।

आराधना और पूजन से मां काल रात्रि प्रसन्न होती हैं और नकारात्मकता को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं। जिससे भक्त का भय दूर होता है और सकारात्मक मार्ग का अनुसरण करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होेंने कहा कि नवरात्रों मेें नियमपूर्वक मां भगवती की आराधना करने से जीवन सार्थक हो जाता है। मां भगवती की कृपा से सभी प्रकार की सुख समृद्धि प्राप्त होती है। पारिवारिक जीवन सुखद होता है। जीवन प्रगति के मार्ग पर अग्रसर होता है। स्वामी कैलाशानंद गिरी के शिष्य स्वामी अवंतिकानंद ब्रह्मचारी ने बताया कि नवमी को 101 कन्याओं का पूजन कर गुरूदेव नवरात्र साधना का समापन करेंगे।



