नवरात्र में मां दक्षिण काली के दर्शन को उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
नारी शक्ति के सम्मान और कन्याओं के संरक्षण-संवर्धन का संकल्प लें सनातनी: स्वामी कैलाशानंद गिरि

कलयुग दर्शन (24×7)
संदीप कुमार (संवाददाता)
हरिद्वार। नवरात्र के पावन पर्व पर श्री दक्षिण काली मंदिर में मां काली के दर्शन और पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। सातवें नवरात्र पर बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां दक्षिण काली के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान श्रद्धालुओं को निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज का सानिध्य एवं आशीर्वाद भी प्राप्त हुआ। स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने कहा कि मां काली शक्ति स्वरूपा और जगत की पालनहार हैं। संसार में मां भगवती की शक्ति से बड़ी कोई शक्ति नहीं है।

सनातन धर्म और संस्कृति में नारी को शक्ति स्वरूपा मानते हुए पूजनीय स्थान दिया गया है। नवरात्र नारी शक्ति के वंदन और आराधना का पर्व है। इस पावन अवसर पर मां भगवती की साधना के साथ सभी सनातनियों और श्रद्धालुओं को मातृशक्ति का सम्मान करने तथा देवी स्वरूपा कन्याओं के संरक्षण और संवर्धन का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्री दक्षिण काली मंदिर में मां दक्षिण काली साक्षात विराजमान हैं और अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। नवरात्र में मां भगवती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से सहस्र गुना पुण्य फल प्राप्त होता है। मां की आराधना से श्रद्धालुओं के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और उन्हें सुख, शांति एवं कल्याण की अनुभूति होती है।

स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने कहा कि मां भगवती की कृपा से जीवन के संकट और कष्ट दूर होते हैं तथा साधक की निर्णय क्षमता मजबूत होती है। इससे व्यक्ति आत्मविश्वास के साथ सफलता के मार्ग पर आगे बढ़ता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे नवरात्र के दौरान मां भगवती की आराधना करें और उनके आदर्शों को जीवन में अपनाते हुए नारी शक्ति के सम्मान एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लें।



