उत्तराखंड

अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने और वोट चोरी के मुद्दे पर भाजपा पर बरसीं रागिनी नायक

कहा- महिलाओं को न्याय दिलाने के नारे खोखले, अंकिता के परिवार को न्याय मिलने तक संघर्ष करेगी कांग्रेस

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नरेश मित्तल (संवाददाता)

हरिद्वार। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. रागिनी नायक ने अंकिता भंडारी प्रकरण और वोट चोरी के मुद्दे पर भाजपा पर जमकर निशाना साधा। प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी को अब तक न्याय नहीं मिल पाया है। उन्होंने भाजपा के नारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि ‘बहुत हुआ नारी पर वार, अबकी बार मोदी सरकार’ और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे नारे खोखले साबित हुए हैं। डॉ. रागिनी नायक ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्यों की भाजपा सरकारें महिलाओं और बेटियों पर अत्याचार करने वालों को संरक्षण दे रही हैं। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी मामले में कथित वीआईपी के रूप में एक भाजपा नेता का नाम विपक्ष ने नहीं, बल्कि भाजपा के ही नेताओं ने उजागर किया था। उन्होंने दावा किया कि कथित वीआईपी की तलाश के लिए जनवरी 2026 में सीबीआई ने मामला दर्ज किया था और जांच अभी जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि संदेह के घेरे में आए व्यक्ति को कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए संवैधानिक पद पर बैठाकर भाजपा ने पीड़ित परिवार के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की नारी शक्ति आगामी चुनाव में वोट की चोट से भाजपा को जवाब देगी। रागिनी नायक ने अंकिता भंडारी के मोबाइल फोन को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अंकिता का फोन नहीं मिलने पर उसका डुप्लीकेट सिम निकलवाया गया, जिससे कई बातें सामने आईं।

लेकिन, उनके आरोप के अनुसार, आरोपी पुलकित आर्य का डुप्लीकेट सिम आज तक नहीं निकलवाया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ऐसा किया जाता तो कथित वीआईपी के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती थी। उन्होंने कहा कि अंकिता के माता-पिता न्याय की मांग को लेकर दिल्ली में इंडिया गेट पर धरना देने पहुंचते हैं, तो उन्हें वहां से हटा दिया जाता है। कांग्रेस अंकिता और उसके परिवार को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखेगी।

वोट चोरी का भी लगाया आरोप
वोट चोरी के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए रागिनी नायक ने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में कानून में संशोधन कर चुनाव आयुक्तों को कानूनी कार्रवाई से संरक्षण प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत अब तक 13 करोड़ से अधिक लोगों के वोट काटे जा चुके हैं। जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उनके मताधिकार के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने सभी प्रदेशों में अपने कार्यकर्ताओं और बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) को भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता अब वोट चोरी के कथित खेल को समझ चुकी है। प्रेस वार्ता के दौरान एआईसीसी मीडिया कोऑर्डिनेटर पांखुरी पाठक, गरिमा दासौनी, कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालेश्वर सिंह, महानगर अध्यक्ष अमन गर्ग, वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज सैनी, फुरकान अली एडवोकेट और ओबीसी विभाग के जिलाध्यक्ष विकास चंद्रा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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