भागीरथ महोत्सव मेला 2026 में धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम
6 नवंबर तक चलेगा मेला, गरबा डांस, स्थानीय बाल कलाकारों की प्रस्तुतियां और मनोरंजन गतिविधियां बनीं आकर्षण का केंद्र

कलयुग दर्शन (24×7)
मो नदीम (संपादक)
हरिद्वार। भागीरथ जनकल्याण सेवा समिति के तत्वावधान में भेल फाउंड्री गेट के सामने, धीरवाली रोड, हरिद्वार में आयोजित भागीरथ महोत्सव मेला 2026 में धार्मिक, सांस्कृतिक और मनोरंजक कार्यक्रमों की धूम है। 6 नवंबर तक चलने वाले इस मेले में मां दुर्गा का पूजन, आरती, गरबा डांस, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और विभिन्न मनोरंजक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। एक माह तक चलने वाले इस महोत्सव के माध्यम से श्रद्धा, उत्साह, सामाजिक समरसता और भारतीय संस्कृति का संदेश दिया जा रहा है। मेले में आकर्षक सांस्कृतिक मंच तैयार किया गया है, जहां प्रतिदिन हरिद्वार के बाल कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके साथ ही समय-समय पर स्टार कलाकारों के कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। मेले और सांस्कृतिक मंच पर प्रवेश निःशुल्क रखा गया है।
भेल यूनियन के पदाधिकारियों ने किया मेले का अवलोकन
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भेल हरिद्वार की नंबर एक यूनियन के अध्यक्ष मुकुल राज, मंत्री रविंद्र चौहान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अश्वनी चौहान, उपाध्यक्ष प्रशांत दीप गुप्ता, आनंद पाल, संदीप जोशी, सुपरवाइजर एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरीश चौहान, मनवीर तोमर और जानसन उपस्थित रहे। समिति के अध्यक्ष मनोज यादव, प्रवीण बरदिया, संतोष साहू और रामचंद्र यादव ने मुख्य अतिथियों का पटका पहनाकर स्वागत एवं सम्मान किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथियों ने मेले के आयोजन की सराहना करते हुए इसे सामाजिक एकता, भारतीय संस्कृति और पारिवारिक मनोरंजन को बढ़ावा देने वाला प्रयास बताया।

मां दुर्गा की पूजा-अर्चना और गरबा डांस बना आकर्षण
महोत्सव के अंतर्गत मां दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष विधि-विधान से पूजन एवं आरती की गई। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के दर्शन कर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। धार्मिक आयोजनों के माध्यम से लोगों को भारतीय परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, मेले में आयोजित गरबा डांस और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। पारंपरिक वेशभूषा में प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ गरबा प्रस्तुत कर मेले के माहौल को उत्सवमय बना दिया।
झूले, खानपान और खरीदारी की भी व्यवस्था
भागीरथ महोत्सव मेले में बच्चों और परिवारों के मनोरंजन के लिए विभिन्न प्रकार के झूले तथा आकर्षक गतिविधियां उपलब्ध हैं। इसके अलावा खानपान, घरेलू उपयोग की वस्तुओं, कपड़ों, क्रॉकरी, फर्नीचर और अन्य उत्पादों की दुकानें भी लगाई गई हैं। मेले में लोग खरीदारी और मनोरंजन के साथ परिवार एवं परिचितों के साथ समय बिता रहे हैं। समिति के संरक्षक सुकरम पाल ने कहा कि भागीरथ महोत्सव मेला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि सामाजिक सद्भाव, सांस्कृतिक विरासत, आपसी भाईचारे और स्थानीय व्यापार को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी एक प्रयास है। उन्होंने नागरिकों से सपरिवार मेले में पहुंचकर धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेने की अपील की।

समिति के पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग रहे उपस्थित
कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष मनोज यादव, संरक्षक सुकरम पाल, राकेश चौहान, सचिव परमाल सिंह, कोषाध्यक्ष प्रवीण बरदिया, विजय शंकर चौबे, रामललित, विकास कुचेरिया, रविंद्र यादव, हरिकेश विश्वकर्मा, राजीव शर्मा, राकेश रोशन, अंशुल गुरव, हिमांशु सैनी, धनंजय यादव, विनोद शाक्य, रविंद्र उछौली, विमल कुशवाहा, मनोज मांझी, आशीष शुक्ला और विनोद चौहान सहित समिति के अन्य पदाधिकारी, सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समिति की ओर से आमजन से अपील की गई है कि वे 6 नवंबर तक चलने वाले भागीरथ महोत्सव मेले में पहुंचकर धार्मिक, सांस्कृतिक और मनोरंजक कार्यक्रमों का आनंद लें।



