आस्थाउत्तराखंड

भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का मार्ग प्रशस्त करती है श्रीमद् भागवत कथा

कलयुग दर्शन (24×7)

नरेश मित्तल (संवाददाता)

रुड़की। श्रीमद् भागवत कथा में कथावाचक श्याम सुंदर जी महाराज ने अपने श्रीमुख से श्रीमद् भागवत गीता की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भागवत मनुष्य के उत्थान के लिए भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का मार्ग प्रशस्त करती है। खंजरपुर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिन कथावाचक श्याम सुंदर जी महाराज ने कहा कि भागवत कथा के माध्यम से ही भागवत प्राप्ति का सबसे श्रेष्ठ उपाय है। उन्होंने कहा कि भागवत से मानव जीवन के विभिन्न अस्तित्व शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा का पोषण होता है। बिना भागवत को सुने ना तो जीवन को समझा जा सकता है और ना ही भारतीय संस्कृति को।

संसार में सब कुछ तो प्राप्त किया जा सकता है किंतु मोक्ष प्राप्त करना अर्थात स्वयं को जानना बहुत कठिन है और इसका एकमात्र स्रोत भागवत गीता ही है। कथा में अतिथि के रूप में पहुंचे युवा भाजपा नेता तथा वरिष्ठ समाजसेवी इंजीनियर चैरब जैन ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भागवत आत्मज्ञान तथा जीवन उपयोगी ज्ञान का आधार है। भागवत अनुष्ठान परमार्थ का सबसे बड़ा यज्ञ है, इससे न केवल मानवता का उद्धार होता है, बल्कि भारत के इतिहास व संस्कृति को भी समझने का अवसर प्राप्त होता है। कथा में पहुंचे इंजीनियर चैरब जैन ने महाराज जी से आशीर्वाद प्राप्त किया तथा उनका सम्मान किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।

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