उत्तराखंड

होली मिलन व कवि सम्मेलन में कवियों ने बिखेरे होली के रंग

कलयुग दर्शन (24×7)

मो नदीम (संपादक)

रुड़की। श्रीमारवाड़ी सभा रजि०लालकुर्ती की ओर से होली के अवसर पर मारवाड़ी कन्या इंटर कॉलेज में कवि सम्मेलन व होली मिलन का आयोजन किया गया, जिसमें वरिष्ठ कवियों और शायरों ने होली गीत, राष्ट्रीय एकता, देशप्रेम के साथ-साथ हास्य कविताओं से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंतर्राष्ट्रीय शायर तथा उत्तराखंड उर्दू अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष अफजल मंगलौरी के संचालन में हुए कवि सम्मेलन की अध्यक्षता समाजसेवी व श्रीमारवाड़ी कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज के प्रबंधक ललित मोहन अग्रवाल ने की। अपने अध्यक्षीय भाषण में उन्होंने अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कवि सम्मेलन के माध्यम से जो प्रेम, सद्भाव व एकता का संदेश कवियों द्वारा दिया गया, वह हमारी मिली-जुली संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज के दिन सारे भेदभाव मिटाकर हमें धर्म-जाति से ऊपर उठकर मानवता की भलाई के लिए सोचना है।


कार्यक्रम में हास्य व्यंग की कविता प्रस्तुत करते हुए वरिष्ठ कवि अशोक जैन उर्फ हुक्का बिजनौरी ने पढ़ा कि-
पुलिस और ईमानदारी श्रीमान, सरदारों के मोहल्ले में नाई की दुकान,,
संचालन करते हुए अंतर्राष्ट्रीय शायर अफजल मंगलौरी ने कहा कि
चाहते हैं एकता अल्लाह भी भगवान भी,साथ भेजे इसलिए होली भी और रमजान भी,,
देहरादून से पधारी अन्तर्राष्ट्रीय शायरा व वरिष्ठ अधिकारी मोनिका मन्तशा ने पढ़ा कि…
गोरी-गोरी राधिका के मुख पे गुलाल लाल, देखो-देखो लगता प्यारा है,,


गीतकार सत्य प्रकाश शर्मा ‘सत्य’, डॉक्टर प्रेरणा कौशिक, दीपक अरोड़ा, सतीश बंसल आदि कवियों ने भी अपनी कविताओं एवं होली के गीतों से श्रोताओं से खूब तालियां बटोरी। इस अवसर पर अशोक अग्रवाल, राजेंद्र अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, अशोक खंडेलवाल, अशोक गुप्ता, पवन गुप्ता, नरेश गुप्ता, जयचंद गोयल, राजेश वर्मा, राजीव सिंघल, विजय गुप्ता तथा अशोक महावर सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

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