अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर हरिद्वार में चला जनजागरूकता अभियान, बाल श्रम रोकने का दिया संदेश

कलयुग दर्शन (24×7)
सोहन लाल (संवाददाता)
हरिद्वार। जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित के निर्देशानुसार अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर हर की पौड़ी एवं अपर रोड क्षेत्र में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य लोगों को बाल श्रम के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रेरित करना था। इस अभियान में बाल कल्याण समिति की सदस्य सुनीता चौधरी, बेबी नाज, श्रम विभाग से लेबर इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार, मीनाक्षी भट्ट, एएचटीयू (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) से दीपक कुमार, गजेंद्र नौटियाल, बीना तथा चाइल्ड लाइन से आशीष कुमार और पूनम ठाकुर सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। अभियान के दौरान टीम द्वारा हर की पौड़ी, अपर रोड एवं आसपास के विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, दुकानों और सार्वजनिक स्थानों का निरीक्षण किया गया।

इस दौरान दुकानदारों एवं आम नागरिकों को बाल श्रम निषेध कानूनों की जानकारी दी गई तथा बाल श्रम कराने पर होने वाली कानूनी कार्रवाई के बारे में जागरूक किया गया। अधिकारियों ने व्यापारियों से अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में बच्चों से श्रम न कराएं और यदि कहीं बाल श्रम होता दिखाई दे तो इसकी सूचना संबंधित विभागों को दें। बाल कल्याण समिति सदस्य सुनीता चौधरी ने कहा कि बाल श्रम एक सामाजिक बुराई और कानूनन अपराध है, जो बच्चों के सुनहरे भविष्य को छीनने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का अधिकार है। समाज के सभी वर्गों को इस दिशा में जागरूक होकर कार्य करना चाहिए तथा बच्चों को विद्यालय भेजकर उन्हें शिक्षित बनाने में सहयोग करना चाहिए।



