जगद्गुरू और महामंडलेश्वर की उपाधि देना अखाड़ों का अधिकार: श्रीमहंत रविंद्रपुरी

कलयुग दर्शन (24×7)
संदीप कुमार (संवाददाता)
हरिद्वार। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि जिस तरह से विश्वविद्यालयों द्वारा डॉक्टरेट, एमफिल आदि उपाधियां प्रदान की जाती हैं। उसी प्रकार सभी तेरह अखाड़ों को मापदंडों पर खरा उतरने वाले संतों को जगद्गुरु एवं महामंडलेश्वर की उपाधि दिए जाने का पूरा अधिकार है। आचार्य प्रमोद कृष्णन एवं स्वामी चक्रपाणि को जगद्गुरु की उपाधि दिए जाने के पश्चात चल रही चर्चाओं के बीच स्थिति स्पष्ट करते हुए अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि अखाड़ों के अपने नियम, कानून और सिद्धांत होते हैं।

अखाड़े के मापदंडों पर खरे उतरने वाले उच्च कोटि के संतो को जगद्गुरू और महामंडलेश्वर की उपाधि दिए जाने में एतराज की कोई बात नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अखाड़े समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले संतों को जगद्गुरू और महामंडलेश्वर की उपाधि देकर समाज के प्रति अधिक समर्पण से सकारात्मक कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि कुछ लोग भगवा पहनकर मनमानी कर रहे हैं। जिसे सनातन धर्म की बदनामी हो रही है। इसे रोकने के लिए कालनेमि अभियान चलाकर सनातन धर्म को बदनाम करने वालों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी और आगामी किसी भी कुंभ मेले में सनातन धर्म को बदनाम कर रहे कालनेमियों को घुसने नहीं दिया जाएगा।



