उत्तराखंड

सनातन धर्म को शीर्ष पर ले जाने में संत महापुरूषों की अहम भूमिका: शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम

स्वामी श्यामसुंदर महाराज ने स्वामी राजराजेश्वराश्रम को दिया वार्षिकोत्सव का निमंत्रण

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दीपक कुमार (संवाददाता)

हरिद्वार। श्यामपुर कांगड़ी स्थित श्री श्याम बैकुंठ धाम के परमाध्यक्ष स्वामी श्यामसुंदर महाराज ने संतों के साथ जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज से भेंटकर 5 मई को आयोजित किए जा रहे तृतीय वार्षिकोत्सव में शामिल होने का निमंत्रण दिया। भेंट करने आए संतों के साथ धर्म चर्चा करते हुए शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि सनातन धर्म को शीर्ष पर ले जाने में संत महापुरूषों ने हमेशा अहम भूमिका निभायी है। आज जिस प्रकार सनातन के संबंध में अनर्गल प्रचार किया जा रहा है। उसे देखते हुए संत समाज को एक बार फिर एकजुट होकर आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि सभी संत महापुरूष सनातन के प्रति किए जा रहे अनर्गल प्रचार के विरोध में पूरे देश में अभियान चलाएं।

समाज को धर्म के प्रति जागरूक और सांस्कृतिक रूप से एकजुट करें। स्वामी श्यामसंुंदर महाराज ने कहा कि सनातन शास्वत है और सदा रहेगा। सनातन को ठेस पहुंचाने और संतों का अपमान करने वालों को मूंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। उन्होंने शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज को श्री श्याम बैकुंठ धाम की महिमा के बारे में जानकारी दी और गरूड़ पुराण के गूढ़ रहस्यों पर चर्चा की। महामंडलेश्वर स्वामी कपिलानंद सरस्वती एवं स्वामी राजेश्वर दास महाराज ने कहा कि संत समाज एकजुट होकर सनातन धर्म संस्कृति के संरक्षण संवर्द्धन के अपने दायित्व को निभाता रहेगा।

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