उत्तराखंड

होटल शांति हेरिटेज में एक्सपायरी दूध-ब्रेड मिलने पर कार्रवाई

120 किलो बिना लेबल वाले आटे को किया सीज, दूध-ब्रेड मौके पर नष्ट; होटल प्रबंधन से एक सप्ताह में दस्तावेज मांगे

कलयुग दर्शन (24×7)

सागर कुमार (सह संपादक)

हरिद्वार। नवरात्र पर्व एवं चारधाम यात्रा के दृष्टिगत खाद्य सुरक्षा विभाग ने भूपतवाला क्षेत्र में होटलों और रेस्टोरेंटों का आकस्मिक निरीक्षण किया। खाद्य सुरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडे और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर सहायक आयुक्त महिमानंद जोशी के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के दौरान सप्तऋषि चुंगी के पास स्थित होटल शांति हेरिटेज में खाद्य सुरक्षा मानकों से जुड़ी अनियमितताएं सामने आईं। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश चंद्र टम्टा के निरीक्षण में होटल की रसोई में एक्सपायरी तिथि के बाद का दूध और ब्रेड भोजन तैयार करने के लिए इस्तेमाल किया जाना पाया गया। विभाग ने लगभग 20 पैकेट दूध और ब्रेड मौके पर ही नष्ट करा दिए। निरीक्षण के दौरान 10-10 किलोग्राम के 12 कट्टों में लगभग 120 किलोग्राम आटा भी मिला। इन कट्टों पर पैकिंग तिथि, एक्सपायरी तिथि, अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) और बैच नंबर जैसी आवश्यक जानकारियां अंकित नहीं थीं। विभाग ने आटे का विधिक नमूना लेकर शेष आटे को सीज कर होटल प्रबंधन की अभिरक्षा में रखवा दिया।

होटल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित
एक्सपायरी खाद्य सामग्री का इस्तेमाल करने और आटे पर आवश्यक लेबल संबंधी जानकारियां नहीं होने के मामले में होटल के शेफ तथा नॉमिनी/डायरेक्टर के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की संबंधित धाराओं के तहत चालानी कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। विभाग के अनुसार, संबंधित प्रावधानों के तहत अधिकतम तीन लाख रुपये तक के अर्थदंड का प्रावधान है। निरीक्षण के दौरान होटल प्रबंधन पेयजल एवं खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट, पेस्ट कंट्रोल के अभिलेख, कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र, खाद्य सामग्री खरीद के बिल, कंपनी का एमओयू, रेजोल्यूशन, फॉर्म-9 और होटल की लीज डीड सहित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। विभाग ने सभी दस्तावेज एक सप्ताह के भीतर कार्यालय में जमा कराने के निर्देश दिए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए होटलों, रेस्टोरेंटों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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