उत्तराखंड

छात्राओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण प्रगतिशील समाज की नींव: प्रो. बत्रा

आत्मरक्षा कार्यशाला में छात्राओं ने सीखे सुरक्षा के गुर, आत्मविश्वास बढ़ाने पर दिया जोर

कलयुग दर्शन (24×7)

आशु (संवाददाता)

हरिद्वार। एस.एम.जे.एन. (पी.जी.) कॉलेज, हरिद्वार में अस्मिता फाउंडेशन एवं महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में छात्राओं के लिए आत्मरक्षा कार्यशाला आयोजित की गई। इसका उद्देश्य छात्राओं को आत्मरक्षा की तकनीकों से परिचित कराना, उनमें आत्मविश्वास विकसित करना तथा उन्हें अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना रहा। कार्यशाला में अस्मिता फाउंडेशन के ट्रेनर अमन राजपूत ने छात्राओं को आत्मरक्षा के महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए शारीरिक कौशल के साथ मानसिक सजगता, आत्मविश्वास और परिस्थितियों को समझने की क्षमता भी आवश्यक है। युवा ट्रेनर नैना चौहान ने कहा कि विपरीत परिस्थितियां बताकर नहीं आतीं, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को आत्मरक्षा के तरीकों की जानकारी होनी चाहिए। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. सुनील कुमार बत्रा ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सशक्तीकरण सुरक्षित एवं प्रगतिशील समाज की नींव हैं। शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम बनाना भी है। आत्मरक्षा प्रशिक्षण छात्राओं में साहस, आत्मविश्वास और जागरूकता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय माहेश्वरी ने कहा कि छात्राओं के सशक्तीकरण के लिए शिक्षा के साथ आत्मरक्षा, आत्मविश्वास और स्वतंत्र निर्णय लेने के अवसर भी जरूरी हैं। ऐसी कार्यशालाएं छात्राओं को भयमुक्त होकर आगे बढ़ने तथा परिस्थितियों का सामना करने के लिए प्रेरित करती हैं।

अस्मिता फाउंडेशन की सचिव मानसी मिश्रा ने कहा कि आत्मविश्वास और सुरक्षा के प्रति जागरूकता आज के समय की मांग है। आत्मरक्षा केवल शारीरिक तकनीकों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सतर्कता, जागरूकता और सही समय पर उचित निर्णय लेना भी शामिल है। उन्होंने छात्राओं से जरूरत पड़ने पर परिवार, शिक्षकों और संबंधित अधिकारियों से सहायता लेने की अपील की। इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार बत्रा, डॉ. संजय माहेश्वरी, राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष विनय थपलियाल, पर्यावरणविद् डॉ. विजय शर्मा तथा प्राध्यापिकाओं डॉ. पूर्णिमा सुन्दरियाल, रिंकल गोयल और डॉ. सरोज शर्मा को सम्मानित किया गया। कार्यशाला का संयोजन डॉ. पूर्णिमा सुन्दरियाल ने किया। इस अवसर पर डॉ. शिव कुमार चौहान, नीता नैय्यर, विमलेश गौड़, आरती मेहता, नीरू कौशिक, गौरव ककरान, सुमन अस्थाना, डॉ. मीनाक्षी शर्मा, रिचा मिनोचा सहित अनेक छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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