धर्म ही जीवन का आधार, सेवा ही सच्ची साधना: स्वामी संतोषानंद देव
दुर्गानवमी पर श्री अवधूत मंडल आश्रम में भव्य धर्म सम्मेलन, रक्तदान शिविर और विशाल भंडारे का आयोजन

कलयुग दर्शन (24×7)
सागर कुमार (सह संपादक)
हरिद्वार। दुर्गानवमी के पावन अवसर पर गुरुकुल कांगड़ी स्थित श्री अवधूत मंडल आश्रम के श्री हीरादास हनुमान मंदिर में सद्गुरुदेव स्वामी सत्यदेव जी महाराज के अवतरण दिवस एवं श्री अवधूत मंडल पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर 1008 डॉ. स्वामी संतोषानंद देव जी महाराज के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में भव्य धर्म सम्मेलन आयोजित किया गया। धार्मिक अनुष्ठानों, सुंदरकांड पाठ, भजन संध्या, स्वैच्छिक रक्तदान शिविर और विशाल भंडारे के माध्यम से श्रद्धा, भक्ति एवं मानव सेवा का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में देशभर से आए साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। धर्म सम्मेलन को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी संतोषानंद देव महाराज ने कहा कि धर्म जीवन का आधार है और सेवा ही सच्ची साधना है।

भगवान श्री हनुमान जी की भक्ति मनुष्य के भीतर साहस, समर्पण, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प का संचार करती है। सच्ची श्रद्धा और मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर कठिन से कठिन लक्ष्य भी प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने युवा पीढ़ी का आह्वान किया कि वह भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और संस्कारों से जुड़कर सेवा, सदाचार एवं राष्ट्रहित के मार्ग पर आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि धर्म का वास्तविक स्वरूप मानवता की सेवा, जरूरतमंदों की सहायता तथा समाज में प्रेम और सद्भाव स्थापित करने में निहित है। स्वामी संतोषानंद देव महाराज ने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रक्तदान मानवता की सेवा का पुनीत कार्य है। इससे किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन मिल सकता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करने और सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा, “हनुमान जी हमारे हैं, हम हनुमान जी के हैं।”

भगवान के प्रति सच्ची भक्ति का अर्थ उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना और निस्वार्थ भाव से मानव सेवा करना है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को भक्ति और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के अंतर्गत भगवान श्री हनुमान जी को छप्पन भोग एवं सवामणि अर्पित की गई। इसके साथ ही सुंदरकांड पाठ, भजन संध्या, स्वैच्छिक रक्तदान शिविर और विशाल भंडारे का आयोजन हुआ। रक्तदान शिविर सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक चला, जबकि सुंदरकांड पाठ, भजन संध्या और धर्म सम्मेलन सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित किए गए। दोपहर 12 बजे से साधु-संतों एवं श्रद्धालुओं के लिए भंडारा शुरू हुआ। कार्यक्रम में साध्वी नेहा आनंद देव, अग्रेश (मुनीम), पंडित राजेंद्र अवस्थी, स्वामी श्याम महाराज, गणेश नाथ महाराज, महंत गोविंद दास, स्वामी आशुतोष महाराज, डॉ. अमन गुप्ता सहित अनेक श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।




