फाइनल रिपोर्ट लगाने के नाम पर दो दरोगाओं पर रिश्वत लेने का मुकदमा दर्ज
3.50 लाख और पांच लाख रुपये मांगने का आरोप, जांच में दोषी पाए जाने का शिकायतकर्ता का दावा

कलयुग दर्शन (24×7)
आशु (संवाददाता)
हरिद्वार। गंगनहर कोतवाली में दर्ज एक मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगाने के नाम पर रिश्वत लेने और अतिरिक्त रकम नहीं देने पर गोली मारकर जेल भेजने की धमकी देने के आरोप में दो उपनिरीक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपित उपनिरीक्षकों की पहचान तत्कालीन विवेचक मनदीप सिंह और बलवंत पंवार के रूप में हुई है। बागपत जिले के निरपुड़ा निवासी निश्चय राणा की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है।
फाइनल रिपोर्ट के नाम पर 3.50 लाख लेने का आरोप
शिकायत के अनुसार, सुषमा सैनी ने पांच जुलाई 2023 को गंगनहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें निश्चय राणा के छोटे भाई निवेश राणा को आरोपित बनाया गया था। निश्चय राणा का आरोप है कि मामले के तत्कालीन विवेचक मनदीप सिंह ने फाइनल रिपोर्ट लगाने के नाम पर उनसे 3.50 लाख रुपये लिए। इसके बाद छह अक्टूबर 2024 को मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट भेज दी गई।

दोबारा विवेचना में पांच लाख मांगने का आरोप
शिकायतकर्ता के मुताबिक, दोबारा विवेचना शुरू होने पर उपनिरीक्षक बलवंत पंवार ने फाइनल रिपोर्ट लगाने के नाम पर पांच लाख रुपये मांगे। आरोप है कि रकम नहीं देने पर निवेश राणा को गोली मारकर जेल भेजने की धमकी दी गई। भाई की सुरक्षा को लेकर चिंतित निश्चय राणा ने कथित तौर पर एक लाख रुपये दे दिए। इसके बावजूद चार लाख रुपये और मांगे गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि शेष रकम नहीं देने पर झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी गई।
ऑडियो-वीडियो साक्ष्य के आधार पर जांच
निश्चय राणा के अनुसार, उन्होंने एक जुलाई 2025 को तत्कालीन एसएसपी से शिकायत कर ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग समेत अन्य साक्ष्य सौंपे थे। इसके बाद जांच एसपी देहात को दी गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि जांच रिपोर्ट में दोनों उपनिरीक्षकों को दोषी पाया गया था। उन्होंने 18 अक्टूबर 2026 को दी गई शिकायत के साथ जांच रिपोर्ट की छायाप्रति भी संलग्न की। अब दोनों उपनिरीक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।



