उत्तराखंड

नारी शक्ति के प्रति श्रद्धा और आदर का संदेश देता है कन्या पूजन: श्रीमहंत रविंद्रपुरी

श्रवणनाथ मठ में किया वार्षिकोत्सव एवं दुर्गानवमी अनुष्ठान का आयोजन

कलयुग दर्शन (24×7)

राकेश वालिया (ब्यूरो चीफ)

हरिद्वार। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज के संयोजन में श्रवणनाथ मठ में वार्षिकोत्सव एवं दुर्गानवमी अनुष्ठान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सभी तेरह अखाड़ों के संत महापुरूष शामिल हुए। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज ने विधिवत रूप से 101 कन्याओं का पूजन कर उपहार भेंटकर किए और आशीर्वाद लिया। समस्त देशवासियों के लिए मंगलकामना अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानवता, सेवा, संस्कार और सम्मान का मार्ग भी दिखाता है। मां गंगा की आराधना हमें पवित्रता और लोककल्याण की प्रेरणा देती है, जबकि कन्या पूजन समाज को नारी शक्ति के प्रति श्रद्धा और आदर का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि देवी स्वरूपा कन्याओं के संरक्षण और संवर्द्धन का संकल्प ही नवरात्र आराधना की पूर्णता है। निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरि महाराज ने कहा कि सनातन संस्कृति भारत की प्राचीन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर है।

पूजा-पाठ, पर्व-त्योहार, संतों का मार्गदर्शन और परिवार में मिलने वाले संस्कार नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हैं। महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी एवं महामंडलेश्वर स्वामी सत्यश्रेयानंद गिरी ने कहा कि मां दुर्गा की उपासना शक्ति, साहस, करुणा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि नवरात्र का पर्व मां भगवती की शक्ति का स्मरण कराने के साथ अपने भीतर के अहंकार, क्रोध और नकारात्मक विचारों को त्यागने का अवसर भी देता है। इस अवसर पर महंत दर्शन भारती, महंत ऋषिश्वरानंद, महंत रघुवन, महंत सतीश वन, महंत राजगिरि, स्वामी रविपुरी, महंत सूरजदास, महंत दुर्गादास, महंत नारायण दास पटवारी, संत जगजीत सिंह, महंत मोहन सिंह, महंत बिहारी शरण, महंत प्रेमदास, महंत तीरथ सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष आशु शर्मा सहित बड़ी संख्या में संत महापुरूष और श्रद्धालु मौजूद रहे।

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