उत्तराखंड

देवी स्वरूपा कन्याओं के संरक्षण संवर्द्धन का संकल्प ही नवरात्र साधना की सार्थकता: स्वामी कैलाशानंद गिरी

कलयुग दर्शन (24×7)

राकेश वालिया (ब्यूरो चीफ)

हरिद्वार। निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने दुर्गानवमी पर 51 कन्याओं का पूजन कर श्री दक्षिण काली मंदिर में आयोजित नवरात्र साधना का पारायण किया। स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कन्याओं के पांव पखारकर कर और मां की चुनरी ओढ़ाकर उपहार व दक्षिणा आदि भेंट कर उनसे आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त मौजूद रहे। श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि अन्याय और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष तथा देवी स्वरूपा कन्याओं के संरक्षण संवर्द्धन का संकल्प ही नवरात्र साधना की सार्थकता है।

सभी देवी दुर्गा की आराधना करने के साथ कन्याओं को शिक्षा और जीवन में आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराने चाहिए। उन्होंने कहा कि सनातन में नारी को शक्ति स्वरूपा माना गया है। भारत की बेटियां विज्ञान, तकनीक, शिक्षा, कानून, राजनीति, प्रशासनिक सेवा, खेल, समाजसेवा सहित तमाम क्षेत्रों में देश का नाम रोशन कर रही हैं। इस अवसर पर स्वामी अवंतिकानंद ब्रह्मचारी, स्वामी कृष्णानंद ब्रह्मचारी, स्वामी बालमुकुंदानंद ब्रह्मचारी सहित श्री दक्षिण काली मंदिर के संत महंत व श्रद्धालु भक्त मौजूद रहे।

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