बुराई पर अच्छाई की जीत का पावन पर्व है विजयदशमी: श्री महंत सूर्यांश मुनी

कलयुग दर्शन (24×7)
संदीप कुमार (संवाददाता)
हरिद्वार। श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन शाहपुर शीतला खेड़ा के श्री महंत सूर्यांश मुनी ने विजयदशमी एवं दशहरा पर्व के अवसर पर समस्त ग्राम एवं प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि विजयदशमी का पावन पर्व अधर्म पर धर्म, बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। यह पर्व हमें जीवन में सकारात्मकता अपनाने, बुराइयों का त्याग करने और सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। विजयदशमी की पूर्व संध्या पर जारी अपने शुभकामना संदेश में श्री महंत सूर्यांश मुनी ने कहा कि दशहरा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने और समाज में प्रेम, सद्भाव तथा भाईचारे को मजबूत करने का संदेश भी देता है। भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर प्रत्येक व्यक्ति को सत्य, न्याय और धर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को एकजुट रखने और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।

इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने भीतर के अहंकार, क्रोध और नकारात्मक विचारों को त्यागकर आपसी सहयोग एवं सद्भाव के साथ आगे बढ़ना होगा। जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति सत्य का साथ देगा और सकारात्मक सोच के साथ कार्य करेगा, तभी एक बेहतर समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव होगा। श्री महंत सूर्यांश मुनी ने ग्राम एवं प्रदेशवासियों से अपील की कि वे विजयदशमी के पावन अवसर पर भगवान श्रीराम की शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करें और बुराइयों को त्यागकर अच्छाई को अपनाने का संकल्प लें। उन्होंने प्रभु श्रीराम से प्रार्थना की कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए तथा प्रदेश में आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारा सदैव बना रहे।



