उत्तराखंड

गुरु-शिष्य परंपरा सनातन संस्कृति की धरोहर: साध्वी नेहा आनंद देव

महामंडलेश्वर स्वामी संतोषानंद देव एवं स्वामी सत्यदेव महाराज को दी जन्मोत्सव की शुभकामनाएं

कलयुग दर्शन (24×7)

आशु (संवाददाता)

हरिद्वार। श्री अवधूत मंडल आश्रम, बाबा हीरादास हनुमान मंदिर, सिंहद्वार, ज्वालापुर, हरिद्वार के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी संतोषानंद देव महाराज के जन्मोत्सव एवं उनके गुरुदेव महामंडलेश्वर स्वामी सत्यदेव महाराज के अवतरण दिवस के पावन अवसर पर साध्वी नेहा आनंद देव ने हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित कीं। अपने शुभकामना संदेश में साध्वी नेहा आनंद देव ने दोनों पूज्य संतों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि संत-महात्माओं का जीवन समाज को धर्म, अध्यात्म, सेवा, सदाचार और मानव कल्याण की प्रेरणा देता है। गुरु-शिष्य परंपरा भारतीय सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो ज्ञान, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाती है।

गुरु का मार्गदर्शन व्यक्ति को आत्मबोध की दिशा में अग्रसर करने के साथ समाज में नैतिक मूल्यों की स्थापना का मार्ग भी प्रशस्त करता है। उन्होंने कामना की कि गुरुदेव के आशीर्वाद एवं संतों के मार्गदर्शन में धर्म, सेवा और लोककल्याण के कार्य निरंतर विस्तार पाएं तथा जनमानस में आध्यात्मिक चेतना और सनातन संस्कृति के प्रति श्रद्धा और अधिक सुदृढ़ हो। साध्वी नेहा आनंद देव ने प्रभु श्रीराम एवं भगवान श्री हनुमान से प्रार्थना की कि महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी संतोषानंद देव महाराज पर सदैव अपनी कृपा बनाए रखें। उनका जीवन धर्म, भक्ति, अध्यात्म और मानव सेवा के कार्यों से निरंतर आलोकित रहे तथा उनका सान्निध्य समाज को सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता रहे।

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