सभी अखाड़ों के सहयोग से दिव्य और भव्य स्वरूप में संपन्न होगा हरिद्वार कुंभ मेला: श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी
सनातन का सबसे बड़ा पर्व है कुंभ मेला: स्वामी करौली शंकर

कलयुग दर्शन (24×7)
राकेश वालिया (ब्यूरो चीफ)
हरिद्वार। श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन के महामंडलेश्वर स्वामी शंकर करौली महाराज, वैष्णव मंडल के अध्यक्ष बाबा हठयोगी, भारत साधु समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष स्वामी ऋषिश्वरानंद, स्वामी आशुतोष महाराज सहित कई प्रमुख संतों ने निरंजनी अखाड़ा पहुंचकर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज से भेंटकर अगले वर्ष आयोजित होने वाले कुंभ मेले को लेकर लंबी चर्चा की। श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज ने मां मनसा देवी का चित्र भेंटकर व पगड़ी पहनाकर और मां की चुनरी ओढ़ाकर सभी संतों का स्वागत किया। कुंभ मेले पर चर्चा करते हुए श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि सभी अखाड़ों और संतों को साथ लेकर चलना ही उनका लक्ष्य है। जिस प्रकार सभी अखाड़ों ने मिलकर प्रयागराज महाकुंभ को सफलतापूर्वक संपन्न कराया है। उसी प्रकार सभी अखाड़ों के सहयोग से हरिद्वार कुंभ मेला भी दिव्य और भव्य स्वरूप में संपन्न होगा। श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की धामी सरकार हरिद्वार कुंभ मेले को भव्य स्वरूप में संपन्न कराने के लिए सभी कदम उठा रही है।

कुंभ मेले के दौरान हरिद्वार आने वाले अखाड़ों के संत महापुरूषों और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। महामंडलेश्वर स्वामी करौली शंकर महाराज ने कहा कि कुंभ मेला सनातन धर्म का सबसे बड़ा पर्व है। कुंभ मेले के दौरान गंगा तट पर होने वाले संतों के विशाल संगम और संत महापुरूषों की वाणी से प्रसारित होने वाले दिव्य प्रवचनों से पूरे विश्व को आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि सभी अखाड़े एकजुट होकर हरिद्वार कुंभ मेले को सफलतापूर्वक संपन्न कराएंगे। बाबा हठयोगी व स्वामी ऋषिश्वरानंद महाराज ने कहा कि श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज की सभी को साथ लेकर चलने की शैली अत्यंत सराहनीय है और समस्त संत समाज उनकी सराहना करता है।



