हरिद्वार में परिवहन विभाग का बड़ा अभियान, 62 वाहनों के चालान, 4 बसें सीज
स्लीपर, लग्जरी और पर्यटक बसों की जांच में मिलीं अनियमितताएं, यात्री सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

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सागर कुमार (सह संपादक)
हरिद्वार। सड़क सुरक्षा और यात्री वाहनों का नियमानुसार संचालन सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ने शनिवार तड़के सुबह 4 बजे से विशेष चेकिंग अभियान चलाया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशों पर चलाए गए इस अभियान में कुल 62 वाहनों के चालान किए गए, जबकि गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर चार बसों को सीज कर दिया गया। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा ने बताया कि सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा के नेतृत्व में संभागीय निरीक्षक (तकनीकी) आनंद वर्धन की टीम ने यह कार्रवाई की। अभियान में मुख्य रूप से स्लीपर, लग्जरी और पर्यटक बसों की जांच की गई। जांच के दौरान कई बसों में परमिट की शर्तों का उल्लंघन, पर्यटक परमिट का निर्धारित उद्देश्य से अलग इस्तेमाल, बसों की स्वीकृत संरचना में अनधिकृत बदलाव तथा सड़क सुरक्षा मानकों से जुड़ी खामियां सामने आईं। इसके अलावा वाहनों में रिफ्लेक्टर, फिटनेस प्रमाणपत्र, चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की भी जांच की गई। गंभीर अनियमितताओं के चलते चार बसों को सीज किया गया और नियमों का उल्लंघन करने वाले अन्य वाहनों के चालान किए गए।

तकनीकी खामियों पर विशेष नजर
संभागीय निरीक्षक (तकनीकी) आनंद वर्धन ने बसों की तकनीकी स्थिति और सुरक्षा उपकरणों की जांच की। इस दौरान बसों की स्वीकृत संरचना में अनधिकृत परिवर्तन और सुरक्षा संबंधी कमियों पर विशेष ध्यान दिया गया। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि लंबी दूरी की यात्री बसों में तकनीकी मानकों की अनदेखी यात्रियों की जान के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। बसों के अलावा अन्य व्यावसायिक और मालवाहक वाहनों की भी जांच की गई। ओवरलोडिंग, आवश्यक दस्तावेजों की कमी और परिवहन नियमों के उल्लंघन पर संबंधित वाहन चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। परिवहन विभाग के अनुसार, जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में स्लीपर, लग्जरी और पर्यटक बसों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा। जनपद में प्रवेश करने वाले और यहां से संचालित होने वाले यात्री वाहनों में परमिट की शर्तों, तकनीकी मानकों और सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन स्वामियों और संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।



