
कलयुग दर्शन (24×7)
नरेश मित्तल (संवाददाता)
रुड़की। उत्तराखंड सरकार ने उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक के तहत प्रदेश के चार महाविद्यालयों को विश्वविद्यालय का दर्जा देने का निर्णय लिया है। इनमें रुड़की के सबसे पुराने शैक्षिक संस्थानों में शामिल बीएसएम डिग्री कॉलेज भी है। कॉलेज को विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने की घोषणा से रुड़की सहित पूरे प्रदेश में खुशी का माहौल है। उत्तराखंड उर्दू अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष, उत्तराखंड भाषा संस्थान के सदस्य एवं बीएसएम कॉलेज के मानद शिक्षक तथा अंतरराष्ट्रीय शायर अफजल मंगलौरी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और शिक्षा सचिव को बधाई दी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से इस उपलब्धि की प्रतीक्षा कर रही थी। सरकार ने विश्वविद्यालय का दर्जा देकर क्षेत्र के लोगों का सपना साकार किया है। अफजल मंगलौरी ने कहा कि स्वर्गीय पंडित मनोहर लाल शर्मा ने अपना जीवन बीएसएम शिक्षण संस्थान के विकास के लिए समर्पित किया था। आज उनकी मेहनत और दूरदर्शिता का परिणाम विश्वविद्यालय के रूप में सामने आया है।

बीएसएम डिग्री कॉलेज को विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने की खबर से शिक्षकों और कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई। उन्होंने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी। इस दौरान शिक्षकों ने कॉलेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष एडवोकेट पंडित ममतेश शर्मा और निदेशक एडवोकेट पंडित रजनीश शर्मा का आभार जताया। उन्होंने कहा कि दोनों के नेतृत्व और अथक प्रयासों से संस्थान को यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। इस अवसर पर प्रो. दीपक डोभाल, प्रो. संजय धीमान, प्रो. प्रवीण शर्मा, डॉ. सुष्मिता पंत, प्रो. संदीप पोसवाल, प्रो. अजय राजवंशी, प्रो. भरत अरोड़ा, प्रो. शायना मलिक, प्रो. सविता सैनी, प्रो. मेहनाज, प्रो. रचना सैनी, प्रो. पारुल शर्मा, प्रो. शालिनी वर्मा, प्रो. विनय कुमार, प्रो. आकांक्षा और रामकुमार गुप्ता सहित अन्य लोग मौजूद रहे।



