गृह मंत्री अमित शाह से मिले स्वामी कैलाशानंद गिरी व श्रीमहंत रविंद्रपुरी
हरिद्वार कुंभ में स्नान के लिए आने का निमंत्रण दिया

कलयुग दर्शन (24×7)
दीपक झा (संवाददाता)
हरिद्वार। निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज व अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने नई दिल्ली गृह मंत्री आवास पहुंचकर गृह मंत्री अमित शाह से भेंट कर हरिद्वार कुंभ, नासिक व उज्जैन महाकुंभ के आयोजन को लेकर चर्चा की और मां दक्षिण काली की महिमा पर रचित पुस्तक भेंटकर उन्हें हरिद्वार कुंभ मेले में स्नान के लिए आने का निमंत्रण दिया। इस दौरान स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज व श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने गृह मंत्री अमित शाह को मां की चुनरी और प्रसाद भेंटकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना भी की। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि भाजपा शासन में सनातन परंपराएं सुदृढ़ हुई है। प्रयागराज में भव्य रूप से संपन्न हुए महाकुंभ मेले से देश विदेश में सनातन धर्म संस्कृति के प्रचार प्रसार को बल मिला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सहयोग से हरिद्वार कुंभ मेला भी भव्य और दिव्य रूप से संपन्न होगा। उन्होंने कहा कि समर्थ और सशक्त भारत के निर्माण में सनातन मूल्य और भारतीय संस्कृति आधार स्तंभ हैं।

सशक्त भारत के निर्माण के लिए संत समाज शासन और समाज के बीच एक सुदृढ़ सेतु के रूप में योगदान करेगा। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि सनातन धर्म संस्कृति विश्व की सबसे प्राचीन संस्कृति संस्कृति है। कुंभ मेला सनातन की धरोहर और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। प्रयागराज महाकुंभ के सफल आयोजन से पूरे विश्व में सनातन की प्रतिष्ठा बढ़ी है। उन्होंने कहा कि कुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि वैश्विक पटल पर भारत की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाने का मजबूत माध्यम है। अगले वर्ष हरिद्वार में होने वाले कुंभ मेले और नासिक व उज्जैन महाकुंभ की आलोकिक छठा से पूरे विश्व को आध्यात्मिक मार्गदर्शन की प्राप्ति होगी। श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में भारत जल्द ही विश्व गुरू की पदवी पर आसीन होगा। इस अवसर पर स्वामी अवंतिकानंद ब्रह्मचारी, स्वामी कृष्णानंद ब्रह्मचारी, स्वामी गिरीशानंद ब्रह्मचारी, स्वामी विवेकानंद ब्रह्मचारी भी मौजूद रहे।
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