उत्तराखंड

संत समाज ने दी ब्रह्मलीन साध्वी भगवती दीदी को श्रद्धांजलि

दिव्य आत्मा थी ब्रह्मलीन साध्वी भगवती दीदी: स्वामी ललितानंद गिरी

कलयुग दर्शन (24×7)

सागर कुमार (सह संपादक)

हरिद्वार। जय मां मिशन के अध्यक्ष ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर स्वामी महादेव महाराज की शिष्या एवं भीलवाड़ा स्थित मां इच्छापूर्णी मंदिर की महंत साध्वी पारो माता की की शिष्या साध्वी भगवती दीदी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए संत समाज ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी और मां गंगा से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। श्रवणनाथ नगर स्थित जय मां आश्रम में जय मां मिशन की अध्यक्ष शरण ज्योति मां एवं जीवन ज्योति मां के संयोजन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता करते हुए भारत माता मंदिर के महंत महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन साध्वी भगवती दीदी दिव्य आत्मा थी। साध्वी भगवती दीदी बचपन से ही मां इच्छापूर्णि की परम भक्त थी। मां इच्छापूर्णि की आराधना करते हुए मधुर वाणी में प्रस्तुत उनके भजन सुनकर श्रद्धालु भक्ति भाव में विभोर हो जाते थे। समाज में धर्म प्रचार में भी उनका अहम योगदान रहा। उनके निधन से समाज को अपूर्णीय क्षति हुई है।

साध्वी शरण ज्योति मां एवं जीवन ज्योति मां ने कहा कि साध्वी भगवती दीदी त्याग, तपस्या और सेवा की प्रतिमूर्ति थी। उनका पूरा जीवन मां इच्छापूर्णि की भक्ति और भक्तों की सेवा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने अपने लिए कभी कुछ नहीं चाहा, बल्कि आश्रम और मंदिर की सेवा को ही अपना जीवन धर्म बनाया। स्वामी रविदेव शास्त्री एवं स्वामी हरिहरानंद ने कहा कि ब्रह्मलीन साध्वी भगवती दीदी का भक्ति भाव और सेवा भाव सदैव सभी की स्मृतियों में जीवंत रहेगा और समाज को प्रेरणा देता रहेगा। साध्वी पारो माता ने सभी संत महापुरूषों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर स्वामी दिनेश दास, स्वामी गोपालानंद, साध्वी जीवन ज्योति, साध्वी पारो माता, साध्वी शरण ज्योति, साध्वी दिव्य ज्योति, साध्वी शरद ज्योति, साध्वी परम ज्योति, साध्वी राधा ज्योति, साध्वी रेणु ज्योति, सुभाष बहल, ठाकुर मानसिंह, जगदीश चावला, रामकुमार, पप्पी, चंदर, राजेश मेहता, वरूण, रमेश, रोहित, निशा, वंश आसनानी मौजूद रहे।

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