उत्तराखंड

दो माह बाद फिर पटरी पर लगी साप्ताहिक पीठ, अवैध ट्रक पार्किंग से जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा

कलयुग दर्शन (24×7)

सागर कुमार (सह संपादक)

बहादराबाद। नहर पटरियों पर अतिक्रमण हटाने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा की गई कार्रवाई के लगभग दो माह बाद स्थिति फिर पहले जैसी होती नजर आ रही है। विभाग ने पहले जेसीबी लगाकर नहर पटरियों पर गहरी खाइयां खोद दी थीं ताकि वहां साप्ताहिक पीठ, अवैध ट्रक पार्किंग और अन्य गतिविधियां न हो सकें। इस कार्रवाई के बाद करीब दो महीने तक पटरियों पर कोई गतिविधि नहीं हुई, लेकिन अब दोबारा सप्ताह में दो बार साप्ताहिक पीठ लगने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नहर पटरी पर बड़े-बड़े ट्रकों की अवैध पार्किंग के कारण सड़क की चौड़ाई कम हो गई है। सड़क और पटरी पर खड़े भारी वाहनों के चलते यहां अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। इसके बावजूद सिंचाई विभाग, परिवहन विभाग और स्थानीय पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि आगामी माह से चारधाम यात्रा सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचेंगे, जिससे यातायात का दबाव और बढ़ जाएगा। इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर अभी तक कोई ठोस कदम उठता नजर नहीं आ रहा है। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के एसडीओ भारत भूषण शर्मा का कहना है कि नहर पटरी पर लग रही पीठ अवैध है और इसे जल्द हटाया जाएगा। उन्होंने बताया कि भविष्य में अतिक्रमण रोकने के लिए नहर पटरी को चारदीवारी बनाकर कवर करने की योजना है, ताकि वहां किसी प्रकार की अवैध गतिविधि न हो सके।

वहीं कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के बिना यहां पीठ लगना संभव नहीं है। उनका कहना है कि साप्ताहिक पीठ की तहबाजारी से हर माह लाखों रुपये की वसूली होती है। पहले यह धन ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में खर्च होता था, लेकिन कोरोना काल के बाद से जब पीठ ग्राम पंचायत की जमीन पर नहीं लग रही है, तब से कुछ प्रभावशाली लोगों की शह पर अवैध वसूली का खेल चल रहा है, जिससे सरकार और ग्राम पंचायत दोनों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि पीठ में आने वाले दुकानदारों से वसूले जा रहे पैसे का हिसाब कौन देगा। उनका कहना है कि यह पैसा कुछ दबंगों की जेब में जा रहा है और प्रशासन जानबूझकर अनदेखी कर रहा है। हालांकि एसडीओ भारत भूषण शर्मा ने कहा कि इस मामले में जल्द ही पुलिस प्रशासन के साथ संयुक्त कार्रवाई कर अवैध पीठ को हटाया जाएगा। नहर पटरियों पर अतिक्रमण हटाने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा की गई कार्रवाई के लगभग दो माह बाद स्थिति फिर पहले जैसी होती नजर आ रही है। विभाग ने पहले जेसीबी लगाकर नहर पटरियों पर गहरी खाइयां खोद दी थीं ताकि वहां साप्ताहिक पीठ, अवैध ट्रक पार्किंग और अन्य गतिविधियां न हो सकें। इस कार्रवाई के बाद करीब दो महीने तक पटरियों पर कोई गतिविधि नहीं हुई, लेकिन अब दोबारा सप्ताह में दो बार साप्ताहिक पीठ लगने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नहर पटरी पर बड़े-बड़े ट्रकों की अवैध पार्किंग के कारण सड़क की चौड़ाई कम हो गई है। सड़क और पटरी पर खड़े भारी वाहनों के चलते यहां अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।

इसके बावजूद सिंचाई विभाग, परिवहन विभाग और स्थानीय पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि आगामी माह से चारधाम यात्रा सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचेंगे, जिससे यातायात का दबाव और बढ़ जाएगा। इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर अभी तक कोई ठोस कदम उठता नजर नहीं आ रहा है। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के एसडीओ भारत भूषण शर्मा का कहना है कि नहर पटरी पर लग रही पीठ अवैध है और इसे जल्द हटाया जाएगा। उन्होंने बताया कि भविष्य में अतिक्रमण रोकने के लिए नहर पटरी को चारदीवारी बनाकर कवर करने की योजना है, ताकि वहां किसी प्रकार की अवैध गतिविधि न हो सके। वहीं कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के बिना यहां पीठ लगना संभव नहीं है। उनका कहना है कि साप्ताहिक पीठ की तहबाजारी से हर माह लाखों रुपये की वसूली होती है। पहले यह धन ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में खर्च होता था, लेकिन कोरोना काल के बाद से जब पीठ ग्राम पंचायत की जमीन पर नहीं लग रही है, तब से कुछ प्रभावशाली लोगों की शह पर अवैध वसूली का खेल चल रहा है, जिससे सरकार और ग्राम पंचायत दोनों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि पीठ में आने वाले दुकानदारों से वसूले जा रहे पैसे का हिसाब कौन देगा। उनका कहना है कि यह पैसा कुछ दबंगों की जेब में जा रहा है और प्रशासन जानबूझकर अनदेखी कर रहा है। हालांकि एसडीओ भारत भूषण शर्मा ने कहा कि इस मामले में जल्द ही पुलिस प्रशासन के साथ संयुक्त कार्रवाई कर अवैध पीठ को हटाया जाएगा।

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