निर्मल संतपुरा में 22 वां आत्मरस महान कीर्तन दरबार (गुरमत समागम) एवं संत समागम का आयोजन

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नरेश मित्तल (संवाददाता)
हरिद्वार। कनखल स्थित निर्मल संतपुरा में 22 वां आत्मरस महान कीर्तन दरबार (गुरमत समागम) एवं संत समागम का आयोजन किया गया। निर्मल संतपुरा में 71 वर्षों से निरंतर प्रति वर्ष किए जा रहे तीन दिवसीय अखंड पाठ की लड़ी में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब के आगे माथा टेका और डॉ. अलंकार सिंह पंजाबी यूनिवर्सिटी, भाई जसपाल सिंह, भाई हरजिंदर सिंह खालसा जालंधर वाले, सरबजीत कौर ने शब्द कीर्तन सुनाकर संगत को निहाल किया। इस अवसर पर संत जगजीत सिंह शास्त्री ने कहा कि निर्मल संतपुरा द्वारा समय समय पर धार्मिक और सामाजिक कार्य किए जाते हैं। गुरमत समागम के साथ स्वैच्छिक रक्त दान शिविर भी लगाया गया है। उन्होंने कहा कि अपने महापुरुषों, गुरुओं को सदैव याद करना चाहिए। उनकी छत्रछाया में रहकर जीवन को सफल बनाए।

इस अवसर पर बाबा मोहन सिंह, संत मनजीत सिंह, संत तरलोचन सिंह, संत बलजिंदर सिंह शास्त्री, महंत जतिंद्र सिंह, महंत विक्रमजीत सिंह लाल, रविदेव शास्त्री, महंत तीरथ सिंह, महंत मोहन सिंह, महंत निर्मल दास, स्वामी हरिहरानंद, स्वामी सुदीक्षण मुनि, स्वामी विष्णुदास, महामंडलेश्वर संतोषानंद, राम विशाल दास, महंत ओमदास, ज्ञानी पंकज सिंह, गुरविंदर सिंह, अपनिंदर कसूर, सुरेंद्र सिंह, बलविंदर सिंह, कुलदीप सिंह, बलदेव सिंह, इंद्रजीत सिंह बिट्टू, नैनी महेंद्रू, बीना चितकारिया, पूनम नरूला, हरभजन सिंह, सिमरन कौर, फतेह सिंह आदि उपस्थित रहे।



