उत्तराखंड

35 साल बाद मिला बिछड़े बेटे का शव, हरिद्वार पुलिस की मेहनत से परिजनों को हुए अंतिम दर्शन

कलयुग दर्शन (24×7)

सरविन्द्र कुमार (संवाददाता)

हरिद्वार। हरिद्वार पुलिस की संवेदनशीलता, सूझबूझ और लगातार तीन दिन की मेहनत ने एक परिवार को 35 साल बाद अपने बिछड़े बेटे और भाई के अंतिम दर्शन करा दिए। कोतवाली नगर क्षेत्र के बिरला रोड स्थित गंगामाता मंदिर के पास बीती 5 मई को मिले अज्ञात शव की पहचान करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती था, क्योंकि मृतक के पास कोई पहचान पत्र या दस्तावेज मौजूद नहीं था।जांच के दौरान पुलिस की नजर मृतक के हाथ पर गुदे उदयवीर बहादुरगढ़ नाम पर पड़ी। इसी एक सुराग को आधार बनाकर पुलिस ने गूगल और हरियाणा पुलिस की मदद से मृतक की पहचान उदयवीर उम्र 50 निवासी बहादुरगढ़, जिला झज्जर हरियाणा के रूप में की, जो करीब 35 वर्षों से घर से लापता था।

सूचना मिलने पर मृतक के परिजन हरिद्वार पहुंचे और मोर्चरी में शव की पहचान अपने बड़े भाई उदयवीर के रूप में की। पोस्टमार्टम और कानूनी कार्रवाई पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जहां खड़खड़ी श्मशान घाट पर नम आंखों से अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों ने हरिद्वार पुलिस का आभार जताते हुए कहा कि यदि पुलिस इतनी गंभीरता और मानवीय संवेदनाओं के साथ प्रयास न करती तो उन्हें अपने भाई के अंतिम दर्शन भी नसीब नहीं हो पाते।

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