अभिभावक सावधान: बाजार में हो रही एनसीईआरटी की नकली किताबों की बिक्री
जिलाधिकारी लें संज्ञान, माफियाओं पर पुलिस करें करवाई

कलयुग दर्शन (24×7)
मो नदीम (संपादक)
हरिद्वार। अभिभावक सावधान हो जाएं एनसीईआरटी की नकली किताबों का बाजार नई शिक्षा सत्र के साथ शुरू हो चुका है । इस बार पुस्तक माफिया मोटा मुनाफा कमाने के लिए बड़े पैमाने पर नकली पुस्तकों को बाजार मे खपा रहे हैं । स्थानीय स्तर पर कुछ दुकानदार एनसीईआरटी की पुस्तकों की कमी को दर्शाते हुए अभिभावकों को गुमराह कर नकली पुस्तक थमा रहे हैं। वहीं प्राइवेट और नामचीन स्कूल भी इस गोरख धंधे में लिप्त बताए जाते हैं। एक नामचीन स्कूलों के अभिभावक ने ज्वालापुर रेलवे पुलिस चौकी के नजदीक से एनसीईआरटी की कक्षा 6 पुस्तकें खरीदी । और पुस्तक लेकर भेल स्थित एक दुकान पर पहुंचा जहां उसने जो पुस्तक वहां नहीं मिली उसके बारे में पूछताछ की और बताया कि मैं अभी-अभी यह सब पुस्तकें लाया हूं। तब पुस्तक विक्रेता ने दोनों पुस्तकों का अंतर अभिभावक को समझाया तो उसने पाया कि एक पुस्तक हल्के कागज की है और दूसरी जो मोटे और अच्छे कागज में छपी दिखाई गई तब अभिभावक को समझ में आया की नकली किताबें हरिद्वार में बिक रही हैं। उसके पश्चात उसने वह सभी किताबें ज्वालापुर जाकर वापस कर दी और एनसीईआरटी की ओरिजिनल किताबें खरीदी।

एनसीईआरटी की नकली किताबें ज्वालापुर के अलावा देवपुरा हरिद्वार में भी बिक रही है। वहीं इस धंधे में प्राइवेट स्कूल की भूमिका भी संदिग्ध है। गौरतलाप है कि के नकली किताबों की खेप रुद्रपुर में और मुजफ्फरनगर में पकड़ी जा चुकी है। किस बात से यह तो आभास होता है कि दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सभी जिलों में नकली किताबें एनसीईआरटी की बिक रही हैं। जिसका समय रहते एनसीईआरटी संज्ञान लेगा तो ही यह मामले का खुलासा हो सकेगा। और पुस्तक माफियाओं तक पहुंचा जा सकता है। भोले भाले अभिभावकों को नहीं पता कि कौन सी किताब असली है कौन नकली। इस बाबत जब हरिद्वार के मुख्य शिक्षा अधिकारी से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने अनभिज्ञता प्रकट करते हुए कहा कि मामला आपके द्वारा ही संज्ञान में लाया गया है। अभी तक किसी की शिकायत भी नहीं आई है। मामले की जांच की जाएगी और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी।



