उत्तराखंड

श्यामपुर में दो बाघों की मौत मामला: वन विभाग ने दो और आरोपियों को दबोचा, एक अब भी फरार

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सरविन्द्र कुमार (संवाददाता)

हरिद्वार। श्यामपुर वन रेंज में दो बाघों की मौत के सनसनीखेज मामले में वन विभाग को बड़ी सफलता हाथ लगी है। श्यामपुर रेंज में हुई इस घटना में वन विभाग ने दो और आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशिक पुत्र गामा और जुप्पी पुत्र अल्लू के रूप में हुई है। इससे पहले आलम उर्फ फम्मी को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले में नामजद चौथा आरोपित आमिर हमजा उर्फ मियां अभी भी फरार चल रहा है, जिसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। वन मंत्री के दौरे के बाद तेज हुई कार्रवाईघटना के बाद मामला तूल पकड़ने पर सुबोध उनियाल स्वयं बुधवार को घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो सीधे निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। वन मंत्री के निर्देश के बाद डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने संबंधित रेंजर, फॉरेस्टर और फॉरेस्ट गार्ड से स्पष्टीकरण तलब किया है। जानकारी के अनुसार, श्यामपुर रेंज की सजनपुर बीट में वन कर्मियों को गश्त के दौरान कुछ वन गुज्जरों पर शक हुआ। पूछताछ में उन्होंने बताया कि उनकी भैंस जंगल में खो गई है।

वन कर्मियों को संदेह हुआ क्योंकि उस इलाके में सामान्यतः पशु चरने नहीं आते। इसके बाद चलाए गए सर्च ऑपरेशन में रविवार शाम एक बाघ का शव मिला। अगले दिन पास ही दो साल की एक मादा बाघिन का शव भी बरामद हुआ। जांच में सामने आया कि बाघिन ने आरोपितों की भैंस का शिकार किया था। बदले की भावना में आरोपितों ने मृत भैंस के मांस पर जहरीला रसायन छिड़क दिया। बाघों ने वही मांस खाया, जिससे उनकी मौत हो गई।इतना ही नहीं, आरोपियों ने बाघों के पंजे और अन्य अंग काट दिए थे। वन विभाग को आशंका है कि इन अंगों की तस्करी की तैयारी की जा रही थी, लेकिन समय रहते मामला खुल गया। जिस स्थान पर बाघों के शव मिले, वह राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज से सटा बफर जोन क्षेत्र है। यह इलाका बेहद संवेदनशील माना जाता है। ऐसे क्षेत्र में दो बाघों की मौत ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि मामले में अब तक चार आरोपियों की पहचान हो चुकी है, जिनमें से तीन गिरफ्तार किए जा चुके हैं। फरार आरोपित की तलाश के लिए वन विभाग की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। गिरफ्तार आरोपितों को कोर्ट में पेश किया जा रहा है और मामले की गहन जांच जारी है।

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