समारोह पूर्वक मनाया गया ब्रह्मलीन स्वामी जगन्नाथ देव का निर्वाण दिवस
राष्ट्र की एकता अखंडता बनाए रखने में संत महापुरूषों की अहम भूमिका: -मदन कौशिक

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अमित वालिया (संवाददाता)
हरिद्वार। सप्तसरोवर क्षेत्र स्थित ब्रह्म निवास आश्रम उत्तर भाग में ब्रह्मलीन महांडलेश्वर स्वामी जगन्नाथ देव महाराज का चालीसवां निर्वाण दिवस सभी तेरह अखाड़ों के संत महापुरूषों के सानिध्य में विधि विधान से समारोह पूर्वक मनाया गया। आश्रम के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी परमात्मदेव के संयोजन में आयोजित निर्वाण दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि राष्ट्र की एकता अखंडता बनाए रखने में संत महापुरूषों की हमेशा अहम भूमिका रही है। संत समाज की दिव्य विभूति ब्रह्मलीन स्वामी जगन्नाथ देव महाराज का त्याग और तपस्या से परिपूर्ण जीवन समस्त समाज के लिए प्रेरणादायी है। महामंडलेश्वर स्वामी परमात्मदेव ने कहा कि संतों का जीवन परमार्थ के लिए होता है। ब्रह्मलीन गुरूदेव स्वामी जगन्नाथ देव महाराज की सेवा और परमार्थ की परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है।

महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी जगन्नाथ देव संत समाज के प्रेरणास्रोत थे। स्वामी परमात्मदेव सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें गुरू के रूप में स्वामी जगन्नाथ देव जैसे विद्वान संत का सानिध्य प्राप्त हुआ। महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी ने कहा कि सनातन धर्म संस्कृति के प्रचार प्रसार के लिए जीवन समर्पित करने वाले ब्रह्मलीन स्वामी जगन्नाथ देव के जीवन से प्रेरणा लेते हुए सभी को मानव सेवा का संकल्प लेना चाहिए। स्वामी कृष्णदेव, स्वामी रविदेव शास्त्री एवं स्वामी दिनेश दास ने फूलमाला पहनाकर सभी संतों का स्वागत किया। इस अवसर पर स्वामी ऋषिश्वरानंद, बाबा हठयोगी, स्वामी राममुनि, महंत जगदीश दास, महंत गंगादास उदासीन, महंत राघवेंद्र दास, महंत गोविंद दास, स्वामी नित्यानंद, महंत अरूण दास, महंत सूरज दास, महंत रघुवीर दास, महंत विष्णु दास, महंत बिहारी शरण, महंत गणेश दास, स्वामी आनंद स्वरूप शास्त्री, आईडी शास्त्री, वरिष्ठ भाजपा नेता अनिरूद्ध भाटी, पार्षद आकाश भाटी सहित अनेक संत महंत व गणमान्य लोग मौजूद रहे।



