अक्षय तृतीया महापर्व दान दिवस के रूप में बड़ी धूम धाम से मनाया गया

कलयुग दर्शन (24×7)
मो नदीम (संपादक)
मंगलौर। श्री दिगम्बर जैन भगवान श्री श्रेयांश नाथ मंगलौर वाले बाबा के अतिशयकारी मंदिर में जैन समाज द्वारा भक्ति भाव से मनाया गया अक्षय तृतीया महापर्व। इस अवसर पर भगवान आदिनाथ के चरणों में शांतिधारा कर भक्तों ने उत्साह दिखाया। माना जाता है कि जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान द्वारा दीक्षा के बाद श्रमण संस्कृति को चलाने के लिए प्रथम आहार राजा श्रेयांश द्वारा हस्तिनापुर में लिया था और आहार परंपरा को प्रारंभ किया गया। जिस परंपरा को दिगम्बर जैन समाज के सभी साधु और आर्यिका के द्वारा निर्वहन किया जाता है। इसी लिए इस तिथि को अक्षय तृतीया महापर्व माना जाता है। भगवान आदिनाथ द्वारा इक्षु रस (गन्ने के रस से पारणा किया था) आदि काल से इसी कारण से अक्षय तृतीया पर्व मनाया जाता है और दान की परंपरा शुरू हुई।

मंगलौर वाले बाबा के चरणों में मंगलौर समाज के साथ बाहर के भक्तों द्वारा भी अपनी विशेष भूमिका निभाई। गुजरात सूरत से मोहित मेघा जैन परिवार, सुनील डिंपल जैन गाजियाबाद, डोली आदिश जैन मुजफ्फरनगर, सतेंद्र रीता जैन रुड़की, राजेशचंद नेमचंद जैन दिल्ली, साथ ही अर्चित जैन दिल्ली समाज द्वारा बढ़ चढ़ कर दान दिया गया और भगवान के चरणों में आदिनाथ भगवान के चरणों में कामना की कि सभी जीव स्वस्थ और सुखी रहें। समाज द्वारा अक्षय तृतीया महापर्व दान दिवस की सुधा सागर महाराज द्वारा बताई पूजन भक्ति और गीतों के साथ की। अष्टापद बद्रीनाथ विहार कर रही आर्यिका रत्न माँ पूर्णमति माता जी का अवतरण दिवस (जन्मदिवस) पर माता जी को वन्दामि निवेदन कर भक्तों ने एक दूसरे को बधाई दी। पूर्व सभासद श्री मति रश्मि जैन द्वारा मंगल आरती करी गई। माँ पूर्णमति के अवतरण दिवस पर साय: संस्कृतिक कार्यकम हुए। कार्यक्रम में कार्यकारणी समिति सहित समाज अरिहंत जैन, एडवोकेट श्रेयांश जैन, गौरव जैन अनुज जैन अर्णव अमित प्रक्षाल पंकज राजेश किशु लवी नैवेद्य जैन अजय यांशी पूनम नीरा प्रेरणा तान्या सारिका रश्मि आदि उपस्थित रहे।



