उत्तराखंड

साधना, संस्कृति और सेवा का प्रमुख केंद्र है जय मां मिशन: साध्वी जीवन ज्योति

कलयुग दर्शन (24×7)

राकेश वालिया (संवाददाता)

हरिद्वार। जय मां मिशन की अध्यक्ष शरण ज्योति मां एवं साध्वी जीवन ज्योति मां के नेतृत्व में मिशन की सभी शाखाओं में विश्व शांति के लिए आयोजित की जा रही चालीस दिवसीय विशेष साधना अनवरत रूप से जारी है। साधना के 25वें दिन कई संत महंतों ने श्रवणनाथ नगर स्थित जय मां आश्रम पहुंचकर साधना कर रही मिशन की साध्वियों को आशीर्वाद प्रदान किया। साध्वी जीवन ज्योति मां ने सभी संतों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ब्रह्मलीन चक्रवर्ती महामंडलेश्वर उषा माता महाराज द्वारा स्थापित जय मां मिशन साधना, संस्कृति और सेवा का प्रमुख केंद्र है। ब्रह्मलीन उषा माता महाराज और उनके परम शिष्य महामंडलेश्वर स्वामी महादेव महाराज से प्रेरणा लेते हुए प्रतिवर्ष मिशन की सभी शाखाओं में विश्व शांति और मानव कल्याण के लिए चालीस दिवसीय विशेष साधना की जाती है। जिसमें मिशन की सभी साध्वियां शामिल होती हैं। उन्होंने कहा कि मिशन की साध्वियों की चालीस दिन की साधना देश में खुशहाली लाएगी।

स्वामी हरिहरानंद एवं स्वामी रविदेव शास्त्री ने कहा कि मातृशक्ति की साधना अवश्य फलीभूत होगी और विश्व में व्याप्त अशांति का वातावरण समाप्त होगा। जिससे मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने कहा कि सेवा कार्यो में जय मां मिशन का योगदान अत्यन्त सराहनीय है। अन्य संस्थाओं को भी इससे प्रेरणा लेनी चाहिए। स्वामी दिनेश दास एवं स्वामी सुतिक्ष्ण मुनि ने कहा कि जय मां मिशन ने हमेशा ही राष्ट्र की एकता अखंडता बनाए रखने में योगदान दिया है। इस अवसर पर जगदीश चावला, साध्वी पूजा ज्योति मां, साध्वी शीतल ज्योति मां, साध्वी दिव्य ज्योति मां, साध्वी परम ज्योति मां, साध्वी प्रकाश ज्योति मां, साध्वी शरद ज्योति मां, जगदीश चावला आदि मौजूद रहे।

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