हरिद्वार में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर सख्ती, सीडीओ ने अधिकारियों को दिए निर्देश
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए तैयार होगी कार्ययोजना

हरिद्वार। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा और ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक एवं प्रभावी निस्तारण के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी विभागों को गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण कर उसके उचित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़ा प्रबंधन के लिए ग्राम प्रधानों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। साथ ही प्लास्टिक कचरा, मेडिकल वेस्ट, सैनिटरी नैपकिन एवं डायपर के अलग-अलग निस्तारण के लिए कूड़ा वाहनों में चार प्रकार के कंटेनर रखने के निर्देश दिए गए।
बैठक में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को औद्योगिक अपशिष्ट के निस्तारण की निगरानी तथा नियमों का उल्लंघन करने वाली फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। विद्यालयों में स्वच्छता जागरूकता बढ़ाने के लिए निबंध एवं पेंटिंग प्रतियोगिताएं आयोजित कराने को भी कहा गया।
सीडीओ ने सभी विभागों से प्रतिदिन सफाई कार्यों की रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए तथा आमजन से स्वच्छता अभियान में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा और धार्मिक आयोजनों के मद्देनजर हरिद्वार में स्वच्छ एवं सुंदर वातावरण बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
