आईआईटी रुड़की और आई0ई0एस0 प्रा0लि0 के बीच हुआ महत्वपूर्ण समझौता

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कलीम अंसारी (संवाददाता)
जनपद सहारनपुर में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने तथा कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी की रोकथाम के उद्देश्य से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की और इमैजिनेशन एनवायरनमेंटल सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड (आई0ई0एस0 प्रा0लि0) के बीच तीन वर्षों के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के अंतर्गत “भू-जल के नमूने की गुणवत्ता मूल्यांकन तथा 3000 लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले जल शुद्धिकरण संयंत्रों की स्थापना हेतु उपयुक्त स्थानो की पहचान” विषयक परियोजना पर कार्य किया जाएगा। यह परियोजना आईआईटी रुड़की के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में संचालित होगी। इस परियोजना के अंतर्गत सहारनपुर और आस पास के जिलों से भू-जल के नमूने एकत्रित कर उनकी वैज्ञानिक जााँच की जाएगी। परीक्षणों के आधार पर यह निर्धारित किया जाएगा कि किन क्षेत्रों में भू-जल प्रदूषण गंभीर स्तर पर है और स्थानों पर जल शुद्धिकरण संयंत्र संस्थापित करने की सबसे अधिक आवश्यकता है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्थानीय समुदाय को स्वास्थ्यवर्धक और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके, जिससे बीमारियों की रोकथाम की जा सके और विशेषकर कैंसर जैसी घातक बीमारी के बढ़ते मामलो पर अंकुश लगाया जा सके।
पेयजल की गुणवत्ता सुरक्षित करने के लिए निम्नलिखित मानको पर विशेष रूप से परीक्षण किए जाएंगे:
* आर्सेनिक (As): लंबे समय तक सेवन से कैंसर और त्वचा संबंधी गंभीर बीमारी का कारण।
* फ्लोराइड (F⁻): नियंत्रित मात्रा में लाभ कारी, परंतु अधिकता से दााँत और हड्डियों की बीमारियां।
* pH मान: पानी अम्लीय, क्षारीय या संतुलित है, यह ज्ञात करने हेतु।
* लौह (Fe): अत्यधिक मात्रा से पानी का रंग, स्वाद प्रभावित होता है तथा स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ता है।
* कैल्शियम (Ca²⁺): जल की कठोरता का प्रमुख कारण, जिसकी अधिकता से किडनी और हड्डियों का कैंसर।
* कैडमियम (Cd): अत्यंत विषैला धातु, कैंसर और गुर्दे की बीमारियो का कारण।
* सीसा (Pb): तंत्रिक तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला प्रदूर्षक।
ज्ञातव्य है कि सहारनपुर और आसपास के जिलों में हाल के वर्षों में कैंसर के मामलो में चिंताजनक वृद्धि देखी गई है। सहारनपुर में हिंडन नदी के आस पास व अन्य गांव में कैंसर से लगातार हो रही मौत व विभिन्न प्रकार के कैंसर, विशेष रूप से त्वचा, मूत्राशय और फेफड़ों का कैंसर, बल्कि गंभीर त्वचा संबंधी स्थितियां, तंत्रिका संबंधी लक्षण, जठरात्र संबंधी परेशानी से समय से पहले प्राण त्यागने के किए बच्चे बूढ़े व जवान सभी को मजबूर कर रही है। विशेषज्ञों का मत है कि इसका एक बड़ा कारण दूषित पेयजल हो सकता है।
इस पृष्ठभूमि में यह परियोजना न केवल सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने का कार्य करेगी बल्कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा और रोगों की रोकथाम में भी महत्वपूर्णय योगदान देगी। इमेजिंनेशन एनवायरनमेंटल सॉल्यूशन प्रा. लि. और आईआईटी रुड़की का विश्वाश है कि इस संयुक्त प्रयास से आने वाले वर्षों में सहारनपुर और आसपास के क्षेत्रों में एक मॉडल परियोजना स्थापित होगी। यह पहल न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि पूरे प्रदेश और देश में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में नई पहल और प्रेरणा का आधार बनेगी। इस समझौतेपर आईआईटी रुड़की की ओर से प्रोफेसर विवेक मालिक (डीन सीरिक), प्रोफेसर साई रामुडु(एसोशिएट डीन), तथा प्रोफेसर अभिजीत मैती, और इमेजिंनेशन एनवायरनमेंटल सॉल्यूशन प्रा. लि. की ओर से डॉ. एम. पी. सिंह (निदेशक) तथा डॉ. अनिल कुमार ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर डॉ. आदित्य पांडे, डॉ प्रशांत सिंह, ललित वधावन एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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