उत्तराखंड

पोषण पखवाड़ा-2025 के तहत हरिद्वार जिले के 12 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन

कलयुग दर्शन (24×7)

नरेश कुमार मित्तल (संवाददाता)

हरिद्वार। पोषण पखवाड़ा-2025 के तहत हरिद्वार जिले के 12 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों का उद्देश्य पोषण के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाना और कुपोषण जैसी समस्याओं से मुकाबला करना रहा। इस अभियान का सफल संचालन जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. स्वास्तिक सुरेश और राष्ट्रीय आयुष मिशन के नोडल अधिकारी डॉ. अवनीश उपाध्याय के मार्गदर्शन में किया गया। वहीं डॉ. अवनीश उपाध्याय ने बताया, पोषण से जुड़ी सही जानकारी और आदतें अपनाकर हम आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ बना सकते हैं। डॉ. स्वास्तिक सुरेश ने कहा कि कार्यशालाओं में नागरिकों को संतुलित आहार, स्तनपान के लाभ और स्वच्छता के महत्व पर प्रशिक्षित किया गया।

कार्यक्रमों में विभिन्न चिकित्सकों ने अपने विचार साझा किए:-
डॉ. धनेन्द्र वशिष्ठ (बिहारी नगर) ने संतुलित आहार की भूमिका बताई।
डॉ. नवीन दास (सालियर) ने नियमित स्वास्थ्य जांच पर बल दिया।
डॉ. सोरमी सोनकर (भोगपुर) ने माताओं को शिशु पोषण संबंधी जानकारी दी।
डॉ. विशाल प्रभाकर (दौलतपुर) ने पोषण और स्वच्छता के बीच संबंध को समझाया।
डॉ. मोनिका प्रभाकर (बहादराबाद) ने पूरक आहार के महत्व को बताया।
डॉ. विक्रम सिंह रावत (डाडा जलालपुर) और डॉ. बीरेंद्र सिंह रावत (हल्लू माजरा) ने स्थानीय पोषक आहार को अपनाने की अपील की।

प्रमुख गतिविधियाँ:-
योग सत्र, स्वास्थ्य शिविर और जागरूकता रैलियाँ, माताओं और किशोरियों के लिए विशेष पोषण सत्र, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक भागीदारी, कार्यक्रमों में प्रतिभागियों ने बेहतर पोषण और स्वस्थ जीवन के लिए जागरूकता फैलाने का संकल्प भी लिया। सही पोषण ही स्वस्थ जीवन की पहली सीढ़ी है। आइए, मिलकर एक निरोग भारत बनाएं।

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