कलयुग दर्शन (24×7)
सागर कुमार (सह संपादक)
रामनगर। कॉर्बेट सीमा से लगते रामनगर तराई पश्चिमी के फाटो ईको टूरिज्म जोन को जैव विविधता के लिहाज से खजाना माना जाता है। जहां कई प्रकार के वनस्पतियां और जीव जंतु, वन्यजीव मौजूद हैं। यही वजह है कि फाटो पर्यटन जोन पर्यटकों की पसंदीदा जगह बन गया है। इस वर्ष यह जोन सैलानियों से गुलजार रहा।
सैलानीयों ने बंगाल टाइगर व इस जोन में भालू (bear) को करीब से निहारा। बता दें कि इस पर्यटन जोन में इस वर्ष पर्यटकों को लगातार बंगाल टाइगर के नहाने के साथ ही भ्रमण करने के भी दीदार हुए। उसके साथ ही बहुत कम दिखने वाला भालू भी आसानी से इस पर्यटन जोन में लगातार दिखाई दिया, जो पर्यटकों को देखकर बिल्कुल भी नहीं भाग रहा था।

भालू फैमिलीयर सा हो गया था और पर्यटकों से घुल मिल गया था। गौरतलब है तराई पश्चिमी के फाटो पर्यटन जोन ने डे-विजिट सफारी के मामले में कॉर्बेट के अलग-अलग जोनों को भी टक्कर दी है। क्योकि कॉर्बेट पार्क आने वाले पर्यटकों की डे-सफारी के लिए यह जोन पहली पसंद बना हुआ था। बता दें कि इस जोन में 50 जिप्सियां सुबह और 50 जिप्सियां शाम की पाली में सैलानियों को सफारी पर लेकर जाती हैं।

इस जोन में 50 गाइड की भर्तियां भी की गई है। ये 50 गाइड सैलानियों को जंगल और वन्यजीवों से रूबरू करवाते हैं। बता दें कि इस वक्त पर्यटकों की सुरक्षा के चलते रास्ते खराब होने के चलते इस जोन को 28 जून से 30 सितंबर तक के लिए बंद किया गया है, अब 1 अक्टूबर को पुनः यह जोन पर्यटकों के लिए खोला जाएगा।



