उत्तराखंड

मदरसा शिक्षा को लेकर फैलाया जा रहा भ्रम: मौलाना आरिफ

मदरसा दारूल उलूम रशिदिया में बैठक आयोजित

कलयुग दर्शन (24×7)

अवधेश भूमिवाल (संवाददाता)

हरिद्वार। ईदगाह रोड़ ज्वालापुर स्थित मदरसा दारुल उलूम रशिदिया में मदरसों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। मदरसा प्रबंधक मौलाना आरिफ ने कहां कि मदरसा शिक्षा को लेकर भ्रम फैलाकर मदरसों को बदनाम करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। मदरसों में धार्मिक शिक्षा प्राप्त कर बच्चे हाफिज, कारी और मौलवी मौलाना बनकर धर्म की शिक्षाओं का प्रचार प्रसार करते हैं। मस्जिदों और मदरसों में उन्हीं के द्वारा तालीम दी जाती है। उन्होंने कहा कि जो लोग मदरसों के नाम पर घपला कर रहे हैं और मॉडर्न शिक्षा देकर मदरसों के नाम पर मिड डे मील एवं अन्य सुविधाएं हासिल कर फर्जी तरीके से मदरसे के नाम का इस्तेमाल कर पैसा खा रहे हैं, उनकी जांच होनी चाहिए। मौलाना आरिफ ने कहा कि वर्षों से मदरसे देश में संचालित हैं। देश की आजादी में भी मदरसों में पढ़ाने वाले शिक्षकों एवं युवाओं का विशेष योगदान है। देश को आजादी दिलाने में अनेकों बलिदान दिए। उन्होंने कहा कि मदरसों में देश के प्रति कर्तव्यों को भी सिखाया जाता है। मदरसों में पढ़ने एवं पढा़ने वालों ने सरकार के खिलाफ कभी कोई काम नहीं किया है।

मदरसों में सच्ची निष्ठा, ईमानदारी, धर्म के प्रति समर्पित भावना का पाठ पढ़ाया जाता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि मदरसा शिक्षा एवं मॉडर्न शिक्षा में अंतर को समझना चाहिए। सरकार द्वारा जो भी प्राधिकरण तय किया जा रहा हैं। उनके सदस्यों में मदरसों का ज्ञान रखने वाले लोगों को भी शामिल किया जाए। जिससे किसी भी प्रकार का विवाद उत्पन्न नहीं होगा। उन्होंने कहा कि चंदे के पैसे से मदरसों में शिक्षा देने का काम किया जा रहा है। वर्ष भर का ऑडिट भी किया जाता है। किसी भी प्रकार का घपला नहीं होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के अवसर सभी को मिलने चाहिए। आधुनिक शिक्षा के साथ धार्मिक शिक्षा भी जरूरी है। मास्टर साजिद हसन ने कहा कि गरीब, निर्धन, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों को मदरसों में बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि बिना सोचे समझे मदरसों की शिक्षा को बदनाम ना करें। इस दौरान मास्टर इसरार, मास्टर रिजवान, कारी बसीर, मास्टर साजिद हसन, कारी असद आदि मौजूद रहे।

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