उत्तराखंड

भगवान शिव ही संसार का आदि और अनंत हैं: स्वामी कैलाशानंद गिरी

कलयुग दर्शन (24×7)

राकेश वालिया (ब्यूरो चीफ)

हरिद्वार। श्री दक्षिण काली मंदिर में आयोजित निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज की विशेष शिव साधना निरंतर जारी है। श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि भगवान शिव ही संसार का आदि और अनंत है। समस्त सृष्टि भगवान शिव से ही उत्पन्न होती है और उनमें ही समाहित हो जाती है। स्वामी कैलाशानंद गिरी ने कहा कि भगवान शिव भक्तों का कल्याण और दुष्टों का संहार करते हैं। सहज और सरल भगवान शिव की पूजा आराधना करने के लिए धन और बडे आडंबर की जरूरत नहीं है। केवल एक लोटा जल और बेलपत्र भी भगवान शिव प्रसन्न हो जाते हैं। उन्हें अपने भक्त से केवल निर्मल और सच्चा समर्पण चाहिए। उन्होंने कहा कि सावन में पूरे विधि विधान से भगवान शिव की आराधना करें।

ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करते हुए दूध, दही, घी, शहद और गंगा जल से उनका जलाभिषेक करें। ओम नमःशिवाय मंत्र के जाप से भय दूर होता है और मन शांत होता है। स्वामी कैलाशानंद गिरी के शिष्य स्वामी अवंतिकानंद ब्रह्मचारी ने बताया कि गुरूदेव की साधना की पूर्णाहूति श्रावण पूर्णिमा को होगा। इस अवसर पर स्वामी कैलाशानंद गिरी के शिष्य स्वामी अवंतिकानंद ब्रह्मचारी, स्वामी कृष्णानंद ब्रह्मचारी, बाल मुकुंदानंद ब्रह्मचारी सहित कई श्रद्धालु भक्त मौजूद रहे।

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