गुरु अमरदास महाराज के स्मृति दिवस पर संतों ने किया नमन
कनखल के तपस्थान गुरुद्वारा तीजी पातशाही में हुआ श्रद्धांजलि कार्यक्रम

कलयुग दर्शन (24×7)
राकेश वालिया (ब्यूरो चीफ)
हरिद्वार। सिख धर्म के तीसरे गुरु गुरु अमरदास महाराज के स्मृति दिवस पर कनखल स्थित तपस्थान गुरुद्वारा तीजी पातशाही में संत समाज और श्रद्धालुओं ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर गुरुद्वारे के ब्रह्मलीन महंत साधु सिंह महाराज, महंत रणवीर सिंह महाराज और महंत जसविंदर सिंह सोढ़ी महाराज की पुण्यतिथियां भी श्रद्धापूर्वक मनाई गईं। श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अखंड पाठ की अरदास कर भोग लगाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल के कोठारी महंत जसविंदर सिंह महाराज ने कहा कि गुरु अमरदास महाराज ने कनखल के सती घाट पर तपस्या कर धर्म और अध्यात्म का संदेश दिया। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जनजागरण किया और समाज सुधार में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने सभी से गुरु अमरदास महाराज के बताए मार्ग पर चलते हुए मानव सेवा का संकल्प लेने का आह्वान किया। महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरी महाराज ने कहा कि गुरुजनों ने सदैव समाज का मार्गदर्शन किया और उनकी वाणी आज भी प्रासंगिक है।

महामंडलेश्वर स्वामी सत्यश्रेयानंद गिरी महाराज ने ब्रह्मलीन महंत जसविंदर सिंह सोढ़ी महाराज को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने जरूरतमंदों की सहायता और धर्म-संस्कृति के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। गुरुद्वारा तीजी पातशाही के महंत रंजय सिंह महाराज ने कहा कि गुरु अमरदास महाराज त्याग, तपस्या और समाज सुधार की प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने अपने जीवनकाल में 22 बार हरिद्वार की यात्रा की और कनखल स्थित सती घाट पर तपस्या कर समाजसेवा एवं सामाजिक सुधार का संदेश दिया। आश्रम की सेवा संस्कृति को उनके बताए मार्ग पर आगे बढ़ाया जा रहा है। बीबी विनिंदर कौर सोढ़ी ने कहा कि गुरु अमरदास महाराज ने सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए लंगर की परंपरा को मजबूत किया और जात-पात के बंधनों को तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में बीबी विनिंदर कौर सोढ़ी, महंत रंजय सिंह, समाजसेवी अतुल शर्मा और नीरव साहू ने संत-महापुरुषों का फूलमालाओं से स्वागत किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में संत-महंत, गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु मौजूद रहे।



