उत्तराखंड

चारधाम भ्रमण पर रवाना हुई आह्वान अखाड़े की छड़ी यात्रा

आदि गुरू शंकराचार्य ने की थी छड़ी यात्रा की शुरूआत: स्वामी अरूण गिरी

कलयुग दर्शन (24×7)

राकेश वालिया (संवाददाता)

हरिद्वार। श्री शंभू पंच दशनाम आह्वान अखाड़े की 1221वीं छड़ी यात्रा बुधवार को हरकी पैड़ी पर ब्रह्मकुंड में स्नान कर चारधाम भ्रमण पर रवाना हो गयी। श्री शंभू पंच दशनाम आह्वान अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अरूण गिरी महाराज ने बताया कि सर्वप्रथम आदिगुरू शंकराचार्य द्वारा आह्वान अखाड़े के नागा सन्यासियों के साथ त्रिवेणी घाट स्थित गौरीशंकर मंदिर से छड़ी यात्रा निकाली गयी थी। आदि गुरू शंकराचार्य द्वारा शुरू की गयी परंपरा का पालन करते हुए विश्व शांति की कामना को लेकर गौरीशंकर मंदिर से 10 मई को छड़ी यात्रा का शुभारंभ किया गया। यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ धाम के दर्शन करने के बाद यात्रा 7 जून को वापस ऋषिकेश में आकर संपन्न होगी। स्वामी अरूण गिरी महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री के तेल व अन्य संसाधन बचाने के आह्वान पर यात्रा में पांच बसों के स्थान पर केवल एक बस ले जायी जा रही है। संतों की संख्या भी सीमित की गई है।

श्रीमहंत गोपाल गिरी महाराज ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य समाज में धर्म जागरण करने के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता लाना है। उन्होंने कहा कि सनातन ने हमेशा दुनिया का मार्गदर्शन किया है। पाश्चात्य जीवन शैली छोड़कर पूरी दुनिया के लोग सनातन को अपना रहे हैं। आने वाला समय सनातन का है और भारत एक बार फिर विश्व में प्रमुख भूमिका निभाएगा। इस अवसर पर साध्वी तुलसी माता, श्रीमहंत रवि गिरी, महंत भूपेंद्र गिरी, महंत थानापति किशन गिरी, महंत कपिल मुनि, महन्त छन्नू गिरी, महंत जमलिया रणघोण गिरी, महंत घनश्याम गिरी, स्वामी पारस गिरी, स्वामी सेवानाथ, महंत जनक गिरी, महंत हरदेव गिरी, महंत शांतानंद गिरी, महंत आकाश गिरी, महंत प्रशांत पुरी सहित बड़ी संख्या में संत महंत व श्रद्धालु मौजूद रहे।

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