गन्ने का लाभकारी मूल्य 700 कुंतल कराने तक संघर्ष जारी रहेगा: भगत सिंह वर्मा

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अबलीश कुमार (सहारनपुर संवाददाता)
सहारनपुर। अन्नदाता किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन वर्मा व पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा के नेतृत्व में किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को मंडल आयुक्त डॉ. रूपेश कुमार से मिला। प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री के नाम विभिन्न किसान व आम जनता से जुड़ी समस्याओं का ज्ञापन सौंपा। राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश होते हुए भी किसान कर्ज़ में दबकर आत्महत्या करने को मजबूर हैं। सरकार लागत मूल्य तक दिलाने में नाकाम रही है। उन्होंने बताया कि डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन आयोग के फार्मूला C2+50% के अनुसार गन्ने का लाभकारी मूल्य 825 कुंतल बनता है। प्रदेश सरकार द्वारा मात्र 30 की वृद्धि और 3 दुलाई किराया बढ़ाने को उन्होंने गलत करार दिया। उन्होंने कहा कि शुगर कंट्रोल ऑर्डर 1966 के अनुसार जिन चीनी मिलों पर गन्ना भुगतान व ब्याज बकाया है, वे किसी भी प्रकार का दुलाई किराया नहीं काट सकतीं। मंडल की 19 चीनी मिलों पर 755 करोड़ रुपये गन्ना भुगतान तथा पिछले वर्षों का 1800 करोड़ रुपये ब्याज बकाया चल रहा है। जिले की सात चीनी मिलों पर इस वर्ष 221 करोड़ और पिछले वर्ष 93 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है, जबकि प्रशासन इस पर मौन है।

ज्ञापन में प्रधानमंत्री से मांग की गई कि-
• किसानों के सभी कर्ज समाप्त किए जाएं।
• फसलों का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित किया जाए।
• मनरेगा को खेती से जोड़ा जाए और किसानों को मजदूर उपलब्ध कराए जाएं।
• बुजुर्ग किसानों को वृद्धावस्था पेंशन दी जाए।
• राष्ट्रीय किसान आय आयोग का गठन हो।
• गन्ने का लाभकारी मूल्य 700 कुंतल निर्धारित किया जाए।
• चीनी मिलों से बकाया भुगतान और ब्याज तुरंत दिलाया जाए।
• घटतौली पर अंकुश लगाया जाए।
• शिक्षा व चिकित्सा निशुल्क की जाए।
• सभी सड़कों व हाईवे पर टोल टैक्स समाप्त किया जाए।
राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. अशोक मलिक ने कहा कि किसानों की क्रय शक्ति बढ़ेगी तो ही देश आर्थिक रूप से मजबूत होगा। उन्होंने घटतौली करने वाले मिल मालिकों को जेल भेजने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी, राष्ट्रीय संरक्षक रामचंद्र गुर्जर, प्रदेश उपाध्यक्ष पं. नीरज कपिल, प्रदेश मीडिया प्रभारी दुष्यंत सिंह, प्रदेश संगठन मंत्री धर्मवीर चौधरी और ओंकार सिंह एडवोकेट शामिल रहे।
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