
कलयुग दर्शन (24×7)
दीपक झा (संवाददाता)
हरिद्वार। मकर संक्रांति के अवसर पर कनखल स्थित श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल में अखंड पाठ व शबद कीर्तन का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं को खिचड़ी और हलुवे का प्रसाद वितरित किया गया। श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह महाराज ने कहा कि मकर संक्रांति का पर्व जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाता है और आत्मचिंतन की प्रेरणा देता हे। सभी को संतों के सानिध्य में आत्मज्ञान प्राप्त कर सूर्य की तरह स्वयं को ज्ञान के प्रकाश से आलोकित करना चाहिए। कोठारी महंत जसविन्दर सिंह महाराज ने कहा कि भारत में मनाए जाने वाले समस्त पर्व समाज को संदेश देते हैं। मकर संक्रांति आत्मिक जागृति का पर्व है। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति को सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश कर उत्तरायण होते हैं।

सूर्य देव के उत्तरायण होने से खरमास के बाद शुभ काल आरंभ होता है। धार्मिक दृष्टि से यह समय आत्मशुद्धि और पुण्य अर्जन के लिए अत्यन्त श्रेष्ठ है। कोठारी महंत जसविन्दर सिंह महाराज ने कहा कि मकर संक्रांति पर गंगा स्नान का भी विशेष महत्व है। गंगा स्नान के बाद सूर्य आराधना और दान पुण्य करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। इस अवसर पर महंत खेम सिंह, महंत निर्भय सिंह, स्वामी केशवानन्द, संत गगन सिंह लुधियाना वाले, संत जसबीर सिंह, महंत गुरमीत सिंह, महंत रंजय सिंह, संत सुखमन सिंह, संत बीर सिंह, संत जसकरण सिंह, महंत गुरपाल सिंह, महंत हरि सिंह, संत रवि सिंह, समाजसेवी अतुल शर्मा, महंत गोविंददास, महंत राघवेन्द्र दास सहित अनेक संत व श्रद्धालु मौजूद रहे।
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