उत्तराखंड

मकर संक्रांति पर गुरुद्वारों में संगत ने पहुंचकर माथा टेका

कलयुग दर्शन (24×7)

सागर कुमार (सह संपादक)

हरिद्वार। मकर संक्रांति पर्व पर गुरुद्वारों में संगत ने पहुंचकर श्री गुरु ग्रन्थ साहिब के आगे माथा टेका। इस दौरान समस्त गुरुद्वारों में रहीरास साहिब, सुखमनी साहिब का पाठ और शब्द कीर्तन का आयोजन किया गया। निर्मल संतपुरा गुरुद्वारे में स्थानीय संगत ज्ञानी पंकज सिंह, सरबजीत सिंह, फतेह सिंह, कुलवंत कौर, सिमरन कौर ने शब्द कीर्तन सुनाकर संगत को निहाल किया। कथावाचक संत बलजिंदर सिंह शास्त्री, गुरप्रीत सिंह ने कथा सुनाते हुए कहा कि मकर संक्रांति पर गंगा स्नान का बहुत महत्व है। प्रयागराज त्रिवेणी में माघ मेला लगता है। जहां लाखों श्रद्धालु स्नान के लिए आते हैं। गुरु का उपदेश गंगा की धारा है। इसी प्रकार संत, महापुरुषों की संगत में रहकर प्रभु का स्मरण रूपी स्नान ही जीवन को सफल बना सकता है। उन्होंने कहा कि काम, क्रोध, मोह, माया, अहंकार को प्रभु का नाम जपने से दूर किया जा सकता है।

संत जगजीत सिंह शास्त्री ने कहा कि 17 दिसंबर को संत रघुबीर सिंह शास्त्री की पुण्यतिथि पर गुरुद्वारे में निशुल्क फिजियोथेरेपी शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें अनुभवी फिजियोथैरेपिस्ट द्वारा आधुनिक मशीनों से मरीजों की जांच की जाएगी। वहीं प्रेमनगर चौक स्थित निर्मल विरक्त कुटिया डेरा कार सेवा गुरुद्वारे में संगत ने पहुंचकर आशीर्वाद लिया। संगत ने सुखमनी साहिब का पाठ किया। इस अवसर पर बाबा पंडत ने कहा कि ज्ञान गोदडी गुरुद्वारे के लिए सिक्ख समाज संघर्ष कर रहा है जब तक गुरुद्वारे का मूल स्थान नहीं मिलता संघर्ष जारी रहेगा। इस अवसर पर उज्जल सिंह सेठी, सूबा सिंह, इकबाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, हरविंदर सिंह, सतविंदर सिंह , इंदरजीत सिंह बिट्टू, अपनिंदर कौर, सतविंदर सिंह, महिंद्र सिंह, हरभजन सिंह, हरमोहन सिंह, सतपाल सिंह, नैनी महेंद्रू, बीना चिटकारिया, रोशन सिंह, कुलदीप सिंह, अर्शदीप सिंह, अमरजीत सिंह, गुरदयाल सिंह, लाहौरी सिंह, मालक सिंह, मंजीत सिंह आदि उपस्थित थे।

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