
कलयुग दर्शन (24×7)
मो नदीम (संपादक)
हरिद्वार। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मुकर्रम अंसारी ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और उनकी पुत्री विधायक अनुपमा रावत पर हरिद्वार और मैदानी क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कई ग्राम प्रधानों व समर्थकों के साथ कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। शनिवार को प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में मुकर्रम अंसारी ने कहा कि पहाड़ क्षेत्र के जिन नेताओं को जनता ने नकार दिया, उन्हें हरिद्वार ने जीताकर संजीवनी दी, लेकिन उन्होंने कभी हरिद्वार के विकास की बात नहीं की। उन्होंने कहा कि मुस्लिम अब घड़ियाली आंसू बहाने वालों के झांसे में नहीं आएंगे।

कांग्रेस केवल दो सीटों पर मुस्लिम प्रत्याशी उतारती है और साथ में बैठाने पर भी इन्हें बदबू आती है। अंसारी ने कहा कि पहाड़ में आज तक किसी हरिद्वारवासी को न विधानसभा टिकट मिला, न जिला पंचायत का पद दिया गया। उन्होंने पूर्व सीएम हरीश रावत पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि अल्मोड़ा से तिरस्कृत होने के बाद हरिद्वार ने उन्हें सांसद, केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री बनाया, फिर पत्नी, पुत्री, बेटे को चुनाव में उतारा, लेकिन किसी ने भी हरिद्वार के मुद्दों पर आवाज नहीं उठाई। उन्होंने कहा कि हरीश रावत के कार्यकाल में हरिद्वार के नाम पर कोई ठोस उपलब्धि नहीं रही। उन्होंने पूर्व विधायक स्वर्गीय अंबरीष कुमार को याद करते हुए कहा कि वे वास्तव में हरिद्वार के विकास के मुद्दों को लेकर संघर्षरत रहते थे।

अंसारी ने कहा कि जिस पार्टी के नेता जनता की आवाज न उठाएं, वहां रहना व्यर्थ है। उन्होंने कांग्रेस से औपचारिक रूप से इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि वे अब मिशन 2027 को लेकर मैदान में उतरेंगे। किस पार्टी से जुड़ेंगे, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि समय आने पर सब सामने आ जाएगा। इस अवसर पर उनके साथ नईम कुरैशी, मुंसी शकील अहमद, नजाकत प्रधान, सराय प्रधान मनीष, कटारपुर प्रधान सचिन, नूर अहमद, हाजी कासिम राव, आदिल खान, सानू अंसारी, नीरज, इमरान, सगीर अहमद, हाजी मंसूर, हाजी लियाकत, फुरकान ठेकेदार, अकरम अंसारी, आमिर कुरैशी सहित कई समर्थक उपस्थित रहे।
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