उत्तर प्रदेश

मार्ग में भरे गंदे पानी से ग्रामीण हुए परेशान, पानी की निकासी को यथावत चलाने की मांग

कलयुग दर्शन (24×7)

अबलीश कुमार (सहारनपुर संवाददाता)

देवबन्द। विकासखंड नागल क्षेत्र के गांव तल्हेड़ी बुजुर्ग में सड़कों पर भरे गंदे पानी से ग्रामीण बेहद परेशान हैं परेशान ग्रामीणों ने पानी की यथावत निकासी चलाने की मांग की है। आपको बताते चले कि विकास खंड क्षेत्र के गांव तल्हेड़ी बुजुर्ग में पिछले कई वर्षों से दक्षिण दिशा में स्थित एक तालाब में बस्ती का पानी का जा रहा था लेकिन पिछले करीब एक माह से रास्ते में ईंट रोड़ी डालकर पानी की निकासी को रोक दिया गया है जिस कारण घरों से निकलने वाला पानी सड़क पर जमा है जिसमें मच्छर पनप रहे है बीमारी के खतरे को बढ़ा रहे है।

ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर जानबूझकर समस्या पैदा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जोहड़ की खुदाई कराकर बस्ती का पानी निकाला जा सकता है क्योंकि अगर पानी की निकासी उत्तर दिशा को की गई तो उससे बस्ती में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होगी और ग्रामीणों के मकानों में पानी भरने का अंदेशा बना रहेगा। ग्रामीणों ने बरसात व बस्ती के रोजमर्रा के पानी को दक्षिण दिशा में भेजने अन्यथा नाला बनाकर डाबर की तरफ पानी भिजवाने की मांग की है।

गौरबतल है कि इससे पूर्व ग्रामीणों द्वारा मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की गई थी लेकिन अधिकारियों ने ग्रामीणों को सूचित किए बगैर ही कागजों में मामले का निस्तारण कर दिया। यही नहीं ग्रामीणों द्वारा उपजिलाधिकारी देवबंद को भी मामले से अवगत कराया गया था जिसपर संज्ञान लेते हुए उपजिलाधिकारी ने बीडीओ नागल को आदेशित किया था। इस संबंध में जब बीडीओ नागल असलम परवेज से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह स्वयं मौके पर गए थे परंतु वह समस्या को समझने में नाकाम रहे हैं जिसको उन्होंने एसडीएम को भेज दिया था और एसडीएम ने अब समस्या के समाधान हेतु नायब तहसीलदार को नामित किया हुआ है।

जब उपजिलाधिकारी देवबन्द से बात की गई तो उन्होंने नायब तहसीलदार से बात करने को कहा। इस संबंध में जब नायब तहसीलदार मोनिका चौहान से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह पुराना मामला है जिसका निस्तारण कर दिया है जिसमें पानी जोहड़ की ओर जाना है और दिशा उन्हें याद नहीं आ रही है उन्होंने चुनावी कार्य का हवाला देते हुए कॉल कट कर दी। ग्राम प्रधान विपिन सैनी से कॉल पर बात करने का प्रयास किया तो उनसे संपर्क नहीं हो सका। उधर ग्रामीणों को अपने घरों में पानी भरने का खतरा सता रहा है।

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