पूज्य श्री टाट वाले बाबाजी की 36 वीं पुण्यतिथि पर आयोजित वेदांत सम्मेलन का संत प्रवचनों के साथ समापन

कलयुग दर्शन (24×7)
नरेश मित्तल (संवाददाता)
हरिद्वार। पूज्य श्री टाट वाले बाबाजी की 36 वीं पुण्यतिथि पर आयोजित वेदांत सम्मेलन का संत प्रवचनों के साथ समापन हुआ। इसकी अध्यक्षता सिद्ध पीठ श्यामपुर कांगड़ी के परमाध्यक्ष स्वामी कमलेश आनंद सरस्वती महाराज ने किया। संतों के कार्यक्रम एवं श्रद्धांजली के कार्यक्रम का संयोजन को भागवताचार्य स्वामी रविदेव शास्त्री जी महाराज ने किया योगी गणेश नाथ महाराज, स्वामी सूर्यानन्द जी महाराज, महाराज स्वामी हरिहरानंद जी महाराज, हरिहरानंद जी महाराज, मंहत राधा गिरी, स्वामी शिवानंद गिरी स्वामी गीता आत्मानंद, स्वामी शशिगिरि जी महाराज जूना अखाड़ा प्रयागराज स्वामी गीता आत्मानंद विश्व हिंदू परिषद के अशोक जी भारतीय जनता पार्टी के विमल कुमार, टाटा वाले बाबा के अनन्य सेवक स्वामी विजयानन्द जी, स्वामी हरिहरानंद भगत जी एवं स्वामी दिनेश दास महाराज ने टाट वाले बाबा को अपनी श्रद्धांजलि एवं श्रद्धासुमन अर्पित की।

कार्यक्रम का आरम्भ महेश माताजी ने गुरु वंदना के साथ किया। दिल्ली, मुंबई, रोपड़ गूलरवाला, सोनीपत जैसी दूर-दूर की जगहों से आकर भक्त जन इसमें सम्मिलित हुए और संतों के मुखारविंद से बाबाजी के संस्मरणों को सुनकर भाव विभोर हो गए। सभी का एक ही स्वर था कि टाट वाले बाबाजी जैसे तपोनिष्ठ व विरक्त सन्त इस धरा पर कभी कभार ही अवतरित होते हैं। उनका कहना था- “पता नहीं बाबाजी में क्या आकर्षण है कि जो एक बार इस स्थान पर आ गया वो फिर यहीं का हो जाता है।”

चार दिवसीय इस अवसर पर कुणाल धवन सांन्तनु जोशी, नंदू गेहानी, साध्वी किरण, भावना शर्माकृष्णमई माता महेशी माता, रैना नैय्यर, किरण, सतेंद्र जी, नीलम अरोड़ा, संतोष अरोड़ा, सुरेंद्र, मधु गौड़, अश्वनी गौड़, सुशील कुमार भसीन, रमा वोहरा, सुरेन्द्र कुमार वोहरा, दीपक कुमार, सुनील सोनेजा, विजय शर्मा आदि ने भावभीनी भजनांजलि अर्पित की।

चार दिनों तक रचना मिश्रा तथा कार्यकर्म संयोजक प्रोफ़ेसर डॉक्टर सुनील बत्रा सम्मेलन के सूत्रधार रहे। सम्मेलन की सफलता के लिए गंगा मैया को धन्यवाद देते हुए रचना मिश्रा ने सभी उपस्थित लोगों से प्रार्थना करी कि गंगा हमारी मां हैं, अतः इसकी स्वच्छता का विशेष रूप से ध्यान रखा जाना चाहिए।

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