तीन कन्याओं का विवाह आयोजित कर उज्ज्वल भविष्य की कामना की

कलयुग दर्शन (24×7)
अबलीश कुमार (सहारनपुर संवाददाता)
बेहट। अखिल भारतीय संत शिरोमणि सतगुरु रविदास मिशन रजि. गुरु गद्दी ऊन-शुक्रताल के तत्वाधान में सतगुरु रविदास आश्रम निर्माणाधीन रसूलपुर में तीन कन्याओं का विवाह कराकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। जानकारी देते हुए आश्रम प्रबंधक महात्मा रविकुमार दास ने बताया कि सतगुरु स्वामी समनदास जी महाराज की प्रेरणा से आश्रम के माध्यम से आयोजित हो रहे विवाह समारोह में आज गांव खुर्द निवासी बलजीत सिंह की सुपुत्री रूबी संग हरदीप पुत्र सोमपाल गांव छिदबना व संदीप कुमार निवासी उसंड की पुत्री तन्नु संग राजन पुत्र गोपीचंद निवासी साहा जिला अंबाला व परसागढ़ निवासी अरविंद कुमार की पुत्री नेहा संग रोहित पुत्र लिल्लूराम निवासी कुतुबपुर जिला सहारनपुर के साथ परिणय सूत्र में बांधा गया है और आश्रम द्वारा समय समय पर इस प्रकार के सामाजिक व धार्मिक कार्य किए जाते रहे है जिनसे समाज में एक दिशा प्रदान हो सके।

शादी समारोह में पहुंचे चेयरमैन अब्दुर्रहमान शालू भैया, पूर्व डायरेक्टर एड. एनपी आनंद, संजीव नौटियाल एडवोकेट व ग्राम प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष एड. संदीप सहगल ने संयुक्त रूप से कहा कि समाज में इस प्रकार के सामाजिक कार्यक्रम करने से एक नई चेतना आती है उन्होंने आश्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि इंसानियत से बड़ी कोई सेवा नहीं है और इस वैवाहिक कार्यक्रम के लिए पूरी आश्रम कमेटी बधाई की पात्र है। कार्यक्रम का संचालन एड. सुभाष गौतम ने किया। सत्संग व वैवाहिक समारोह में आए सभी अतिथियों का पटका पहनाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में विशेष अतिथि सतेन्द्र गौतम एडवोकेट ने नवविवाहित जोडो को आशीर्वाद देते हुए सभी से सामाजिक कार्य में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने की बात कहते हुए गुरुनाम की शिक्षा और दीक्षा लेने की बात कही।

इस अवसर पर शगुन व नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गई। कार्यक्रम की उपाध्यक्षता महात्मा बबलू दास ने की। इस दौरान महा. मुकेश दास, महा. बीरबल दास, महा. राजबीर दास, महा. तेल्लूदास, इसमदास, संजय दास, प्रदीप दास, एड. सुमित कुमार, एड. विपिन बर्मन, एड. आशु कुमार, विक्की, रजत बीडीसी, सुखपाल, ऋषिपाल, निर्मलदास, अजीत सिंह दिनकर, निखिल कुमार, एड. सोमपाल सिंह, अनुज खुराना इब्राहिमपुरिया व कपिल क्रांतिकारी समेत आदि मुख्य रूप से मौजूद से रहे।
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