विधवा की बेटी बनी ‘पुलिस की बेटी’, कोतवाल ने उठाया शादी का पूरा खर्च, कन्यादान कर भर दी पिता की कमी

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अबलीश कुमार (सहारनपुर संवाददाता)
सहारनपुर, गंगोह। कानून-व्यवस्था संभालने वाली पुलिस ने गंगोह में संवेदनशीलता की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने पूरे क्षेत्र का दिल जीत लिया। एक विधवा की बेबसी को अपना कर्तव्य मानते हुए कोतवाली प्रभारी पीयूष दीक्षित ने न केवल उसकी बेटी की शादी का पूरा खर्च उठाया, बल्कि पिता की सभी रस्में निभाकर मानवता की मिसाल भी कायम की। मोहल्ला लक्खुवाला निवासी विधवा सोमती पिछले 20 वर्षों से पति के निधन के बाद मजदूरी कर चार बेटियों का पालन-पोषण कर रही हैं। तीन बेटियों की शादियां किसी तरह हो गईं, लेकिन सबसे छोटी बेटी प्रीति की शादी उनकी सबसे बड़ी चिंता बन चुकी थी। मजबूरी में वह महिला हेल्प डेस्क पहुंचीं और अपनी व्यथा सुनाई।

महिला की पीड़ा सुनकर कोतवाल पीयूष दीक्षित ने तुरंत आश्वस्त किया “प्रीति की शादी हमारी जिम्मेदारी है।” और वही हुआ। निर्धारित तिथि पर नगर के रविदास मंदिर में बरात पहुंची तो वहां का नजारा देखने लायक था। पुलिस कर्मियों ने खुद मंडप सजाया, स्वागत द्वार तैयार कराया और बरातियों की आवभगत में किसी प्रकार की कमी नहीं छोड़ी। पूरा समारोह पुलिस की निगरानी और सहयोग से गरिमा के साथ संपन्न हुआ। समारोह का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब कोतवाल ने स्वयं कन्यादान कर पिता का कर्तव्य निभाया। यह दृश्य देखकर उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं। पुलिस ने नवविवाहिता को गृहस्थी की जरूरी सामग्री भी भेंट की, ताकि उसकी नई जिंदगी अभावों से दूर शुरू हो सके। गौरतलब है कि गंगोह पुलिस इससे पहले भी पांच महीने पूर्व एक जरूरतमंद बेटी की शादी करवा चुकी है। स्थानीय नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि “यही वह पुलिस है, जो वर्दी के साथ मानवता भी निभाती है और लोगों के दिलों में भरोसा जगाती है।
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