उत्तराखंड

न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले से महानगर कांग्रेस और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रकोष्ठ ने निराशा जाहिर की

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नरेश कुमार मित्तल (संवाददाता)

हरिद्वार। अंकिता भंडारी हत्याकांड में कोटद्वार न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले से महानगर कांग्रेस और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रकोष्ठ ने निराशा जाहिर करते हुए धामी सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त की। मायापुर स्थित यूनियन भवन में महानगर कांग्रेस और उत्तराखंड स्वतंत्रता सेनानी प्रकोष्ठ की हुई बैठक में जिला महानगर कांग्रेस अध्यक्ष अमन गर्ग और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मुरली मनोहर ने कहा कि अंकिता भण्डारी हत्याकांड से पूरे उत्तराखंड की जनता आंदोलित थी लेकिन अफसोस आज भी धामी सरकार की शिथिलता के कारण अंकिता भंडारी प्रकरण में वीआईपी आज भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है और चार्जशीट में या किसी भी जांच में वीआईपी को शामिल न करना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रकोष्ठ के कार्यकारी अध्यक्ष सुरेंद्र सैनी और प्रदेश महामंत्री अवधेश पंत ने कहा कि उत्तराखंड की धामी सरकार अंकिता भण्डारी हत्याकांड के वीआईपी और घटना स्थल से सबूत मिटाने वाली भाजपा विधायक को बचाने में सफल रही है जिसे उत्तराखंड की जनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज सैनी और सुरेंद्र बुटोला ने कहा कि आज न्यायालय के फैसले से साफ है कि भाजपा सरकार द्वारा अंकिता भण्डारी हत्याकांड में शिथिलता बरती गई और पुलिस द्वारा अंकिता के माता पिता द्वारा वीआईपी का नाम लिखित में जिलाधिकारी को दी शिकायत के बाद भी जांच में शामिल न करना दुर्भाग्यपूर्ण है और महिलाओं के साथ अन्याय है। बैठक में मुख्य रूप से नवीन शरण निष्चल, पूर्व पार्षद कैलाश भट्ट,संजय वाल्मीकि, राहुल पाठक आदि कांग्रेस जन शामिल रहे।

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